जर्जर अवस्था में पहुंचा लखनऊ-कानपूर फोरलेन

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उन्नाव (ब्यूरो) लखनऊ-कानपुर बाईपास पर स्थित एकमात्र फोरलेन जर्जर स्थिति में पहुंच गया है। उक्त फोरलेन मार्ग से ही शहर के दोनों तरफ का आवागमन होता है। जिसमें स्कूली बच्चों के अलावा पैदल यात्री, साइकिल सवार, नवीन सब्जी मंडी आने वाले सब्जी विक्रेता की ठेलियां के साथ लखनऊ-कानपुर के बीच चलने वाले हल्के व भारी वाहन भी गुजरते हैं। थोड़ी सी भी चूक बड़े हादसे को सबब बन सकता है। सुरक्षा व्यवस्था ना होने के कारण गलत साइड से भी वाहन सवार आवागमन करने में नहीं चूकते हैं। जिससे दुर्घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है।

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। नवीन सब्जी मंडी के विक्रेताओं का कहना है कि रेलवे क्रासिंग बंद हो जाने से उन लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। रेलवे क्रासिंग बंद करने के पहले नवीन सब्जी मंडी आने वाले हजारों सब्जी विक्रेताओं के विषय में नहीं सोचा गया कि उनका आवागमन किधर से होगा। सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि यदि डिवाइडर को नियमानुसार बंद कर दिया जाए तो उनके आवागमन के रास्ते भी बंद हो जाएंगे। इस संबंध में बातचीत करने पर सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। लिखा-पढ़ी की जाएगी।

सब्जी विक्रेता सबसे ज्यादा प्रभावित
लखनऊ-कानपुर के बीच स्थित रायबरेली क्रासिंग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान बरती गई घोर लापरवाही से आए दिन चर्चा में बनी रहती है। आरओबी पर हल्की बारिश से भी बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं। जिससे पुल पर चलने वाले भारी वाहनों के साथ हल्के वाहनों के लिए भी खतरनाक बने हुए हैं। इन समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए फ्लाईओवर के किनारे बने रेलवे क्रॉसिंग को रेलवे विभाग की अदूरदर्शिता के कारण बंद कर दिया गया, जबकि रेलवे क्रासिंग बंद करने के पहले आवागमन की कोई व्यवस्था नहीं की गई। ना तो पैदल क्रासिंग पार करने वालों के लिए पैदल पथ बनाया गया और ना ही फैक्ट्री एरिया में मजदूरी करने वाले साइकिल चालकों के लिए। इनमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी शामिल हैं। जो स्कूल के लिए घर से पैदल निकलते हैं। इसके साथ ही नवीन सब्जी मंडी आने वाले सब्जी विक्रेता भी रेलवे क्रासिंग बंद होने से परेशान हैं। इनमें सबसे ज्यादा परेशानी फेरीवाले वालों को है। दही चौकी से आने वाले सब्जी विक्रेता शिवम, जान मोहम्मद, शिवा आदि ने बताया कि खाली ठेलिया लेकर रेलवे पुल के ऊपर से तो निकल जाते हैं। परंतु वापसी में सब्जी के साथ आने पर ठेलिया लेकर ऊपर नहीं चल पाते। जिससे उन्हें बहुत परेशानी होती है।

उनका कहना था कि रेलवे क्रासिंग बंद करने के पहले उनके लिए स्थाई व्यवस्था करनी चाहिए। सब्जी विक्रेता रमाकांत ने बताया कि रेलवे क्रासिंग बंद होने से उन लोगों की दुकानदारी पर भी असर पड़ा है। इसके साथ ही इब्राहिम बाग, पहली खेड़ा, आरटीओ ऑफिस, पीतांबर नगर, शिव नगर जैसे मोहल्ले वालों के लिए भी रेलवे क्रासिंग बंद होने से आवागमन में समस्या खड़ी हो गई है।कोई विकल्प नहीं दिया गया पैदल और साइकिल वालों के लिए रेलवे क्रॉसिंग पर स्थित कर्मचारी ने बातचीत करने पर बताया कि रेलवे क्रासिंग बंद हो गई है। परंतु 12-12 घंटे की शिफ्ट में दो कर्मचारी रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात हैं। जो रायबरेली की तरफ से आने वाली गाडिय़ों के संचालन में लगे हैं। रेलवे कर्मचारी ने बताया कि 24 घंटे में तीन गाडिय़ों का संचालन होता है। जिनमें ऊंचाहार एक्सप्रेस, इंटरसिटी के साथ एक पैसेंजर निकलती है। इसके बाद भी ना तो पैदल और ना ही साइकिल वालों के लिए कोई विकल्प दिया गया है। इस संबंध में बातचीत करने पर सदर विधायक पंकज गुप्ता ने बताया कि उनके सामने इस प्रकार का कोई मामला नहीं आया है। रेलवे विभाग के अधिकारियों से इस विषय में बातचीत होगी और उचित कदम उठाया जाएगा।

रिपोर्ट – जीतेन्द्र गौड़

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