जीलहटोई में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन श्रोता हो गये भाव विभोर

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करहल/मैनपुरी(ब्यूरो)- क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम लहटोई मे श्री मद भागवत अमृत सजीवनी कथा के दूसरे दिन सरसकथा वाचक पं0 जितेन्द्र नारायण षुक्ला षास्त्री पारस जी ने सगीतमयी परीक्षत जन्मोत्सव व सृष्टि उपक्रम के बारे मे बताते हुये कहा कि कलयुग मे प्रेत बाधा ज्यादा ही बढ गई है और तीर्थो पर पाप कर्म बढ जाने से तीर्थो की षक्ति भी कम होती जा रही है। इसलिये कलियुग मे सर्वहितकारी सर्वश्रेष्ठ एक उपाय है जो श्री मद भागवत कथा भक्ति ज्ञान यज्ञ है। इस मानव जीवन को अपने जीवन काल मे कम से कम एक बार जरूर ही सुनना कथा वाचक पारस जी ने कहा कि श्री मद भागवत कथा के श्रवण, मनन एंव चिन्तन से जीव इस लोक में तो सभी सुखो को भेगता ही है। साथ ही मृत्युपरान्त पारलौकिक सुखो की भी प्राप्ति भी उसी से ही होती है। इसलिये मानव जीवन मे श्री मद भागवत कथा को सर्वाधिक महत्व दिया गया है। इसलिये मानव जीवन मे श्री मद भागवत कथा को जरूर सुनना चाहिये और जिस स्थान पर श्री मद भागवत कथा का गुणगान होता है उस स्थान पर भूत प्रेतो का साया कोसो दूर रहता है। इसलिये सभी को श्री मद भागवत कथा सुनना और धर्म के लिये यह करवाना भी अति आवष्यक है।

पारस जी की श्री मद भागवत कथा को सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गये और बडे ही मार्मिक ढंग से श्री मद भागवत कथा का रसपान किया। अन्त मे सभी श्रोताओं ने आरती मे षामिल होकर प्रसादी का ग्रहण किया। इस मौके पर वीरेन्द्र कुमार दुवे, रविन्द्र कुमार दुवे, अरविन्द कुमार दुवे, राजेष दुवे, गंगा प्रसाद, रोमी, हृदेष, गंगाषरण, बोबी, अनूप, दीपक, मोनू, कल्लू अभिषेक सहित आदि तमाम लोग मौजूद रहे।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा 

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