मानिकपुर इंटर कॉलेज में वर्चस्व की जंग मे हुयी एम डी एम की बर्बादी

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कालाकॉकर / प्रतापगढ़ (ब्यूरो)- प्रबंधक और प्रधानाचार्य के वर्चस्व की जंग मे मानिकपुर इंटर कालेज मे बच्चो के लिये आने वाला एम डी एम बरबाद होता नजर आ रहा है | बता दे कि इंटर कालेज के प्रबंधक शतीश शर्मा और प्रधानाचार्य अशोक तिवारी मे मे तालमेल ठीक नही चल रहे है | जिसके चलते इंटर कालेज पिछले कई वर्षो से वर्चस्व की जंग मे धधक रहा था | जिसका मुकदमा कोर्ट मे भी चल रहा है |

शतीश शर्मा लगभग पिछले तीन वर्षो से प्रबंधक के पद पर है वही प्रधानाचार्य अशोक तिवारी को शासन ने दो वर्ष पूर्व कालेज मे नियुक्त किया था | विवादो से बचने के लिये प्रधानाचार्य अशोक तिवारी ने फरवरी महीने से एम डी एम के गेंहूं और चावल नही लिया क्योकी पुराना राशन काफी मात्रा मे स्टोर मे मौजूद था | पिछले हफ्ते प्रधानाचार्य ने स्टोर की सफाई करवायी तो 104 बोरी राशन मौजूद था | (जो कि होना चाहिये) और सफाई के बाद पॉच बोरी तक जो खराब गेंहूं चावल निकला उसको दूसरे कमरे मे रखवा दिया | वो पॉच बोरी खराब गेंहूं और चावल किसी ने कूड़े मे फेंकवा दी और आग लगवा दी |

आज सुबह किसी ने एस डी एम कुन्डा को गेंहूं चावल को कूड़े मे फेंकने की बात बतायी तो एस डी एम कालेज पहुंचे और पूछताछ करने लगे | प्रधानाचार्य अशोक तिवारी को कुछ जानकारी नही थी जब कूड़े मे गेंहूं चावल देखा तो प्रधानाचार्य के पैरो तले जमीन खिंसक गयी | दौड़ कर उस कमरे मे गये जहॉ गेंहूं चावल रखा था | फिर याद आया कि सफाई के दिन पॉच बोरी खराब राशन अलग कमरे मे रखवाये थे वहां गये तो वो नही था |

एस डी एम ने गिनती करवायी तो राशन पूरा 104 बोरी मिला –
उधर प्रधानाचार्य अशोक तिवारी का कहना है कि कालेज के प्रबंधक शतीश शर्मा पिछले वर्ष से ही हमारे उपर दबाव बना कर एम डी एम के खाते का पैसा ( जो कि लगभग तीन लाख है ) लेना चाहते है और राशन भी लेना चाहते थे लेकिन मैने पैसा नही निकलवाने की बात कही और राशन भरपूर मात्रा मे होने की वजह से मैने फरवरी माह से राशन नही उठवाया | इसी लिये मुझे फंसाने के लिये सोंची समझी रणनीती बनायी और चाल चली |

वही प्रधानाचार्य का कहना है कि अगर हमको राशन बेचना ही होता तो मै राशन को बन्द ही क्यो करवाता | मै जॉच के लिये तैयार हूं | स्टोर मे जितना राशन होना चाहिये मौजूद है | एस डी एम कुन्डा ने मौके की जॉच करके स्टोर रूम को सीज कर दिया है | अब देखना है कि प्रधानाचार्य की बातो मे कितनी सच्चाई है जॉच होने के बाद ही पता चलेगा और दोषी कौन है | ये जॉच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा |

रिपोर्ट- पंकज मौर्या

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