पटना में मदरसा छात्रों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम का उद्घाटन

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The Agriculture and Farmers Welfare Minister, Shri Radha Mohan Singh addressing at the inauguration of the skills training centers in three madarasas as a pilot project for skill development of the minority community, in Patna, Bihar on August 31, 2015. The Union Minister for Minority Affairs, Dr. Najma A. Heptulla is also seen.
The Agriculture and Farmers Welfare Minister, Shri Radha Mohan Singh addressing at the inauguration of the skills training centers in three madarasas as a pilot project for skill development of the minority community, in Patna, Bihar on August 31, 2015.
The Union Minister for Minority Affairs, Dr. Najma A. Heptulla is also seen.

मदरसों में अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय की कौशल प्रशिक्षण केंद्रों संबंधी योजना आज पटना में प्रायोगिक आधार पर प्रारम्‍भ की गई। इस योजना में मदरसों/मकतबों / मठों और अन्‍य परम्‍परागत शैक्षणिक संस्‍थानों को  अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के कौशल प्रशिक्षण के साथ जोड़ा जाना शामिल है। केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री डॉ. नजमा हेपतुल्‍लाह और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने इस अवसर पर संयुक्‍त रूप से मदरसा इदार-ए–शरिया, सुल्‍तानगंज में और मदरसा अंजुमन इस्‍लामिया और मदरसा इस्‍लामिया अंजुमन रफाकल मुस्‍लीमीन, मोतीहारी में रिमोट वीडिया लिंक के जरिये कौशल प्रशिक्षण केंद्रों उद्घाटन किया।

मौलाना आजाद राष्‍ट्रीय अकादमी (एमएएनएएस) ने अपनी परियोजना कार्यान्‍वयन एजेंसियों के द्वारा इन तीन मदरसों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्‍थापित करने और अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के लिए कौशल विकास/ उन्‍नत प्रशिक्षण संचालित करने संबंधी इस प्रायोगिक परियोजना के लिए 3.60 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया।

एमएएनएएस मदरसों/मकतबों/मठों और अन्‍य परम्‍परागत शैक्षणिक संस्‍थानों को, जिनके पास परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ सहयोग के लिए खुली जगह/ इमारतें उपलब्ध हैं, जो उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण प्रदाता है, जो इन संस्थानों में उपलब्ध स्थान पर प्रशिक्षण का बुनियादी ढांचा तैयार करने में सक्षम हैं, को साथ लाने के लिए सहायक का कार्य करेगा। ये प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के मापदंड बरकरार रखने के लिए कौशल परिषदों/ राष्ट्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण परिषद के नियमों के अनुसार स्थापित/ विकसित किये जाएंगे।

परंपरागत शैक्षणित संस्थानों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण केंद्रों का प्रारंभ देशभऱ में गति, पैमाने और मापदंड़ो के साथ अल्पसंख्यक समुदाय को हुनरमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

एमएएनएएस ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और वृद्धि की संभावनाएं सुनिश्चित करने के लिए समग्र वास्तविक निगरानी और आकलन का प्रारूप विकसित किया है। प्रौद्योगिकी को उन्नत बनाने के लिए गतिविधियों की पूरी श्रृंखला को परस्पर संबंध खंडों/  अवस्थाओं में बांटा गया है और प्रत्येक खंडों/  अवस्थाओं को एप्लीकेशन इन ऑनलाइऩ साफ्टवेयर में समाहित किया गया है।

एमएएनएएस ने कारोबारी सलाहियत नामक एक कॉल सेंटर की भी स्थापना की है जिसका उद्देश्य नव प्रशिक्षित उद्यमियों को सहायता और सहयोग करना है। यह कॉल सेंटर प्रशिक्षुओं को मंच भी मुहैया कराएगा ताकि वे अपने उत्पाद का प्रचार भी कर सकें, उत्पादों का कैटलॉग तैयार कर सके और उसे ई-विपणन के लिए वेबसाइट पर प्रदर्शित कर सकें।

 

मदरसों में कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की प्रमुख विशेषताएं –

  • अखिल भारतीय स्तर पर अद्भुत एवं नवाचार परियोजना
  • अल्पसंख्यक समुदायों की समस्त कौशल विकास / उन्नयन से संबंधित जरुरतों को उनके मदरसों/मकतबों / मठों और अन्‍य परम्‍परागत शैक्षणिक संस्‍थानों की मदद से पूरा करना।
  • अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं / लड़कियों को घर के समीप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।
  • समुदाय आधारित संघटन, निगरानी एवं गुणवत्ता का आकलन
  • कौशल प्रशिक्षण को रियायती ऋण से जोड़कर उद्यमिता / स्वरोजगार को बढ़ावा और समर्थन
  • कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण ढांचे के अनुसार कौशल प्रशिक्षण का मानकीकरण
  • पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन कार्यान्वयन और निगरानी
  • विकास प्रक्रियाओं में अल्पसंख्यकों को शामिल कर प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया मिशन को बढ़ावा देना ताकि सबका साथ सबका विकास संभव हो सके।

Source – PIB

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