महीने भर पहले उठी थी बहन की डोली अब उसी घर से उठी भाई की अर्थी

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प्रतीकात्मक फोटो

रायबरेली (ब्यूरो)- बहन की डोली उठने के ठीक एक महीने बाद यादव परिवार में जवान बेटे की अर्थी सजकर तैयार हो गयी। रामसजीवन की बेटी गीता की 4 जून को शादी हुई थी। एक माह बाद 4 जुलाई को छोटे बेटे की हत्या से परिवार की खुशियां की माला टूट कर बिखर गई।

मंगलवार को संदीप की दिनदहाड़े हुई हत्या पर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। बेटे की मौत से मां फूलपति दहाड़े मार-मार कर रोती रही। बार-बार कोई उसके बेटे को उसके सीने से लगा दे कहकर दरवाजे की ओर देखती रही। मृतक के पिता रामसजीवन रोते रोते एक ही रट लगाए रहते 4 जून को बेटी की शादी थी। लेकिन किसी की ऐसी इस परिवार पर नजर लगी की बुढ़ापे में जवान बेटे को कंधा देना पड़ रहा है। इतना कहते ही मृतक के पिता दहाड़े मार कर रो पड़ते। मृतक युवक की बहने गीता, रीता, नीता, रोशनी, बड़ा भाई प्रदीप अपने सन्दीप की मौत की खबर से रोरो कर आरोपी के परिजनों को कोश रहे है। पिता राम सजीवन आज ही सुबह क्ड आवास पर ड्यूटी कर कर घर पहुंचा था।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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