मेक इन इण्डिया’ का स्वरूप होगा रेल पहिया कारखाना

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रायबरेली। बांदा बहराइच मार्ग पर स्थापित आधुनिक रेलकोच कारखाना जहां बेहतर गुणवत्ता व आधुनिक तकनीक से लैंस कोचो के प्रोडक्शन मे निरंतर अग्रसित है। वहीं रेलकोच के समीप ही रेल पहिया कारखाने का निर्माण कार्य भी प्रगति पर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच मेक इन इण्डिया की तर्ज पर लालगंज मे फोज्र्ड व्हील फैक्ट्री का निर्माण जर्मनी की कम्पनी एसएमएस के द्वारा प्रारम्भ कर दिया गया है।
फोज्र्ड व्हील फैक्ट्री के उपमहाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) संजय कुमार झा ने बताया कि रेल पहिया कारखाना निर्माण मे लगी कार्यदायी संस्था के द्वारा बाउन्ड्री वाल के निर्माण के साथ साथ 710 पायलिंग का निर्माण का कार्य किया जा चुका है। पेयजल व्यवस्था के लिये दो वाटर टैंक भी तैयार हो गये है, जिनमे से एक टैंक का पानी कारखाना निर्माण के लिये प्रयोग किया जा रहा है। दूसरे टैंक के पानी को दो भागों मे विभाजित करके एक को आरओ सिस्टम से पीने के लिये व दूसरे को अन्य कार्यों के लिये उपयोग किया जा रहा है। बिजली के लिये मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से अनुबंध किया गया है। पावर सप्लाई का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। उपमहाप्रबंधक एसके झा ने बताया कि लालगंज स्थित इस फोज्र्ड व्हील फैक्ट्री मे जर्मन टेक्नोलौजी के रेल पहियों के निर्माण राष्ट्र मे पहली बार होने जा रहा है।उल्लेखनीय है कि आठ अक्टूबर 2013 को तत्कालीन सांसद एवं संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के द्वारा रेलकोच की जरूरतों को पूरा करने के लिये रेल पहिया कारखाने का सिलान्यास किया गया था।इसके बाद कारखाना निर्माा के लिये आरआईएनएल के द्वारा जर्मनी की एसएमएस कम्पनी को कारखाना बनाने का टेंडर के जरिये कान्ट्रैक्ट दिया गया। एक वर्ष से पहिया कारखाने का कार्य तेजी से प्रारम्भ है। यह पहिया कारखाना 1683 करोड की लागत से बनाया जा रहा है, जिसमे 14 सौ करोड का कार्य एसएनएस कम्पनी जर्मनी को दिया गया है। शेष 283 करोड रूपये का कार्य फैक्ट्री प्रबंधन स्वयं अपने श्रोतों से स्वयं जरूरत के अनुसार करायेगा।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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