मक्का की खेती के चलते न तो जमीन में सामान्य पोषक तत्व बचे है और न ही सूक्ष्म तत्त्व

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मैनपुरी (ब्यूरो)- मक्का की खेती से धरती की कोख बंजर हो रही है। केवल भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो रही है, बल्कि भूगर्भीय जल का दोहन भी अधिक हो रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र के मृदा परीक्षण में पोटाश को छोड़ाकर जिले की भूमि में अन्य सभी जरूरी तत्वों की कर्मी पाई गई है। जिले मे मक्का की फसल भले ही किसानों को अधिक मुनाफा दे रही है, लेकिन खेतों पर हो रहे इसके घातक परिणाम का अंदाजा उन्हें नहीं है। जिले के सभी ब्लाॅकों में की गई मिट्टी की जांच रिपोर्ट में इस बात का पता चला है कि मक्का की खेती के चलते न तो जमीन से सामान्य पोषक तत्व बचे है और न ही सक्ष्म। इन तत्वों की कमी का असर कम उत्पादन के रूप में किसानों के सामने आ रहा है।

मक्का ही केवल एक ऐसी फसल है, जिसका वर्ष में तीन बार उत्पादन किया जा सकता है। रवी, खरीफ और जायद तीनों ही फसलों में मक्का उगाई जा सकती है। मैनपुरी जिले में किसान खरीफ और जायद की फसल में मक्का की बोवाई अधिक पसंद कर रहे, लेकिन जायद में इसे खूब उगातें है। इसमें ज्यादा पानी की जरूरत होती है। गर्मी अधिक होने से हर आठ से दस दिन मंे सिंचाई करनी पड़ती है। इससे जल का भी दोहन अधिक होता है। पिछले एक दशक मंे बाजार में आई मक्का की कई हाईब्रेड किस्में आई हैं, जिसने किसानों का रूझान मक्का की तरफ बढ़ा दिया है। इससे किसानों को अच्छा मुनाफा हो जाता हैं।

मक्का की खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति घटने का एक कारण उत्पादन भी है। बाजार में उपलब्ध मक्का की हाईब्र्रेड किस्मों का उत्पादन सौ कुंतल प्रति हेक्टेयर तक है। अत्याधिक उत्पादन के चलते मक्का की फसल जमीन से अधिक पोषक तत्व लेती है। साथ ही मक्का का पौधा भी अन्य फसलों की अपेक्षा तीन गुना तक अधिक बढता है। इससे अन्य फसलों की अपेक्षा मक्का की फसल तीन गुना अधिक पोषक तत्व अवशोषित करती है। कृषि विज्ञान केन्द्र पर पिछले वर्ष जिले के नौ ब्लाॅकों से कुल 1190 मिट्टी के नमूने लेकर जांच की गई। इन सभी नमूनों में पोटाश को छोड़कर बाकी की सभी तत्वों की मात्रा में भारी कमी मिली। मुद्रा वैज्ञानिक डाॅ. जगदीश मिश्रा बताते है कि लोग जमीन से फसलों का जितना उत्पादन ले रहे है, उसके एवज में वे जमीन को जरूरी पोषक तत्व नहीं दे रहे है। इससे धरा में सभी सूक्ष्म तत्वों की उपलब्धता समाप्त होती जा रही हैै।

जिले की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों पर एक नजर-

तत्व                              मानक                उपलब्धता

सल्फर                         10.1-15                   6

जिंक                          0.6-12                     0.2

आइरन                       4-8                           1

काॅपर                      0.2-0.4                     0.01

मैंगनीज                   2.1-4.0                     0.5

आॅर्गेनिक कार्बन        0.5-1.0                      0.001

 

नोट- सभी आंकड़े पीपीएम (पाट्र्स पर मिलियन) मैं है।

रिपोर्ट – दीपक शर्मा

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