शिकायत होते ही मैनेजर ने खाते में जमा कराया पैसा

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सुल्तानपुर (ब्यूरो) खाते से पैसा निकल जाने के मामले में बैंक के मैनेजर की भी भूमिका संदिग्ध हो गई है।पिड़ित रश्मि श्रीवास्तव ने जब मामले की शिकायत तहसील दिवस में किया तो उसके खाते से निकला पैसा जमा हो गया ।पैसा कई किस्तों में जमा हुआ ।पता चला हैकि पीड़ित के खाते में कुछ पैसा बैंक मैनेजर द्वारा जमा किया गया है ।पूरे मामले में अब मैनेजर की ही भूमिका संदिग्ध हो गई है।

बताते चलें कि कुड़वार विकासखंड के स्थानीय बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से पीड़ित खाते से 3000 रूपय जालसाजी कर किसी ने निकाल लिए थे । पीड़ित रश्मि श्रीवास्तव कस्बा निवासी हैं। बीते 5 नवंबर 2016 को खाता संख्या 4782 8100002512 के खाते से ₹3000 निकाल लिए गए जब पीड़ित पासबुक में एंट्री कराने गई तो उन्हें खाते से पैसा निकल जाने की जानकारी हुई । पीड़ित ने पता किया तो किसी ने फर्जी हस्ताक्षर कर उसके खाते से पैसा निकाला था । इस बाबत शाखा प्रबंधक धनंजय गुप्ता से शिकायत की गई तो उन्होंने मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश की। जब पीड़ित ने क्षेत्रीय लोगों के साथ दबाव बनाया तो उन्होंने जांच का हवाला देकर मामले को टरका दिया। प्रबंधक ने कई माह तक इधर-उधर पीड़ित को दौड़ाया। लेकिन जब कोई नतीजा नहीं निकला तो पीड़ित ने मामले की शिकायत तहसील दिवस में की । शिकायत को संज्ञान लेते ही कुड़वार थाने की पुलिस बैंक में जा धमकी । तो मैनेजर ने आनन-फानन में धोखे से निकाले गए ₹3000 को 4 किस्तों में जमा करवाया। जिससे पूरा मामला संदेह के घेरे में आ जाता है। मैनेजर ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि आखिर कौन सा कर्मचारी हैं जो दूसरे के खाते से पैसा निकाल कर यह जालसाजी कर रहा है ? सीसीटीवी फुटेज भी यह कहकर नहीं दिया कि 3 महीने बाद विडियो डिलीट हो गई। इतना ही नहीं मैनेजर ने पूरे मामले में कार्यवाही को लगभग छः महीने रोके रखा ।उसने ना तो जालसाजी करने वाले की पहचान सार्वजनिक की और ना ही कोई मुकदमा पंजीकृत करवाया। पीड़ित ने अगले तहसील दिवस में की गई शिकायत का ब्यौरा मांगने के लिए फिर से तहसील दिवस में पेश होगी । खबर लिखे जाने तक कुड़वार थाने पर भी कोई रिपोर्ट नहीं लिखी गई थी |

रिपोर्ट – दीपक मिश्रा

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