जनपद में तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू

प्रतापगढ़ (ब्यूरो) – आगामी माह में विश्वकर्मा पूजा, महाराजा अग्रसेन जयन्ती, नवरात्रि, महानवमी, विजयदशमी, मोहर्रम, महात्मा गांधी जयन्ती, भरत मिलाप, महर्षि बाल्मीकि जयन्ती, दीपावली व गोबर्द्धन पूजा तथा भैयादूज/चित्रगुप्त जयन्ती का त्योहार सम्पन्न हो रहा है। उक्त त्योहार के अवसर पर कतिपय असामाजिक तथा समाजविरोधी तत्व ऐसा कार्य कर सकते है जिससे जनपद में शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और जनमानस की सुरक्षा में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। इस अवसर पर शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से अपर जिला मजिस्ट्रेट मनोज ने द0प्र0सं0 की धारा-144 के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दिया है जो सम्पूर्ण जनपद सीमा में 13 सितम्बर 2018 से 10 नवम्बर 2018 तक प्रभावी रहेगी।

निषेधाज्ञा में निहित प्राविधानों में एक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का एक गुट होना प्रतिबन्धित किया जाता है। त्योहारों के अवसर पर कोई नई परम्परा कायम नही की जायेगी। कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थानों पर रिवाल्वर, पिस्टल, राइफल, एक नली बन्दूक व दो नली बन्दूक अथवा घातक हथियार यथा चाकू बल्लम, फरसा, विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, तेजाब आदि अथवा लाठी, डंडा, हाकी स्टिक आदि या किसी भी प्रकार का हथियार/शस्त्र लेकर नही चलेगा, न तो उसका प्रयोग करेगा और न ही उसे अपने घर से बाहर निकालेगा। यह प्रतिबन्ध सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारी तथा बैंक में लगे हुये सुरक्षा कर्मियों पर लागू नही होगा। किसी भी सार्वजनिक, धार्मिक स्थल पर कोई ऐसी जनसभा, रैली, जुलूस का आयोजन नही किया जायेगा और न ही किसी प्रकार की अफवाह फैलायी जायेगी जिससे विभिन्न समुदायों के लोगों में मनमुटाव, वैमनस्यता या घृणा की भावना उत्पन्न हो।

किसी भी सार्वजनिक, धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर का प्रयोग किसी भी दशा में इस प्रकार से नही किया जायेगा जिससे विभिन्न सम्प्रदाय के लोगों में उत्तेजना फैलने की सम्भावना हो। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह कोई भी मादक पदार्थ शराब आदि पीकर सड़क पर नहीं घूमेगा और न ही नशे की हालत में कोई अवांछनीय कार्य करेगा जिससे किसी की भावना को ठेस पहुॅचे। कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह किसी सार्वजनिक संस्था, कार्यालय या न्यायालय के प्रांगण में लाउडस्पीकर लगाकर जनसभा, नारेबाजी अथवा अनाधिकृत, शोर-शराबा नही करेगा जिससे शैक्षणिक, सरकारी अथवा न्यायिक कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो। किसी भी व्यक्ति/व्यक्तियों द्वारा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक पटाखों का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगा।

मात्र सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही पटाखों व आतिशबाजी का प्रयोग किया जा सकेगा। जिन स्थानों पर पूर्व से दुर्गा प्रतिमायें स्थापित होती रही है उन्ही स्थानों पर स्थापित होकर पूजन आदि किया जायेगा। किसी अन्य स्थान पर मूर्ति स्थापित करने में कोई नई परम्परा कायम नही की जायेगी। मूर्ति विसर्जन/ताजिया दफन के लिये मा0 उच्चतम न्यायालय के निर्देश के क्रम में प्रतिमायें विसर्जित की जायेगी। किसी नदी आदि में प्रतिमायें कदापि विसर्जित नही की जायेगी। लाउडस्पीकर, डी0जे0 आदि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक किसी भी प्रकार से नही किया जायेगा। अन्य समय में लाउडस्पीकर का प्रयोग सक्षम अधिकारी/सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा।

रिपोर्ट – अवनीश कुमार मिश्रा 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here