मनमोहन VS मोदी – कुमार विश्वास ने ली चुटकी, कहा एक बार हमें भी …

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नई दिल्ली- आगामी का लोकसभा चुनाव मद्देनजर रखते हुए कांग्रेस इस समय वर्तमान भारतीय जनता पार्टी पर काफी हमलावर हो रही है। इसी के चलते मौनी बाबा के नाम से प्रसिद्द देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह भी अब सामने आ गए है। दरअसल आपको बता दें कि इन दिनों नेशनल मीडिया में प्रधानमंत्री मोदी के साढ़े चार सालों के दौरान किये गए कार्यो और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 10 के कार्यों और कार्यशैली को लेकर तुलनात्मक अध्ययनों का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

इस दौरान दोनों सरकारों के द्वारा किये गए कार्यों का तुलनात्मक अध्ययन बड़े ही बारीकी के साथ और दोनों प्रधानमंत्रियों की कार्यशैली का बड़े ही बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है। इस सबके बीच एक और बात जो है वह यह है कि प्रारम्भ से ही भारतीय जनता पार्टी पूर्व कोंग्रेसी प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह कार्यशैली को लेकर चुटकी लेती रही है परन्तु अब कांग्रेस भाजपा के ऊपर इस बात का आरोप लगा रही है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी मीडिया के सवालों से बचने की कोशिश करते है और वह कभी भी मीडिया का सामना नहीं करते है।

इसी बीच इस पूरे मामले पर चुटकी लेते हुए प्रसिद्द कवि और पूर्व राजनेता कुमार विशवास ने कहा है कि, “आपकी बातें हजारों बार हमने, हमारी भी आवाजें आप सुन लेते तो अच्छा था.”  हालाँकि स्पष्ट तौर पर कुमार ने किसी भी प्रधानमंत्री को अपने इस ट्वीट में टारगेट नहीं किया है और न ही किसी का भी नाम ही उन्होंने लिखा है परन्तु इस बात के कयास लगाए जा रहे है कि कुमार ने अपने इस ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री श्री मोदी पर निशाना साधने की कोशिश की है।

कैसा रहा है दोनों प्रधानमंत्रियों का कार्यकाल-
कुमार विश्वास के ट्वीट के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुकाबले पीएम मोदी मीडिया के सवालों से बचते हुए नजर आए हैं। अपने कार्यकाल में मनमोहन सिंह ने 2 बार प्रेस कांफ्रेंस का सामना किया था तो वहीं पीएम मोदी इससे दूर ही नजर आए। एडिटर कांफ्रेंस में सिंह ने दो बार शिरकत की जबकि पीएम मोदी ने एक बार भी नहीं गए। विदेशी दौरों पर सवाल-जवाब का सामना करने के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री सिंह आगे दिखाई दिए। विदेशी दौरे पर इंटरनेशनल मीडिया के सवालों का सामना मनमोहन सिंह ने 8 बार किया है जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा एक बार भी नहीं किया।

इसके अलावा अगर अन्य मौकों पर मीडिया का सामना करने के मामले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के बीच तुलनात्मक अध्ययन किया जाय तो अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में एक बार भी किसी मौकों पर प्रेस के सवालों का जवाब नहीं दिया। जबकि मनमोहन सिंह ने अपने कार्यकाल में ऐसा 3 बार किया। इसके साथ ही अगर मन की बात पर आये तो मनमोहन सिंह ने अपने 10 सालों के कार्यकाल के दौरान एक भी बार इस तरह का कोई भी कार्यक्रम नहीं किया है जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने 50 बार मन की बात कार्यक्रम कर चुके है।

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