सिटी काॅम्पलेक्स में जीएसटी को लेकर बैठक संपन्न

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जालौन(ब्यूरो)- सरकार की प्राथमिकता स्थानीय व्यापारियों को जीएसटी को लेकर किसी भी प्रकार की दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करना है।

एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू होगा। इसके लिए अब केवल एक पखवारे का समय बचा है। फिर भी व्यापारियों में जीएसटी को लेकर डर बना हुआ है। व्यापारियों के इसी डर को दूर करने के लिए उद्योग विभाग एवं वाणिज्य कर अधिकारियों सहित अधिवक्ताओं ने स्थानीय सिटी काॅम्पलेक्स में व्यापारियों के साथ एक बैठक कर उन्हें जीएसटी के बारे में विस्तार से समझाया। इस दौरान असिस्टेंट कमिश्नर राजदीप गुप्ता ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस कारोबारी का सालाना कारोबार 10 लाख से 20 लाख रुपये के दायरे में था उनके लिए जीएसटी की कोई अनिवार्यता नहीं है। अभी जिनके पास वैट, सेवा कर और एक्साइज नंबर हैं उनमें से अधिकांश लोगों का जीएसटी प्रक्रिया में पंजीकरण हो चुका है। जीएसटी में प्रत्येक कारोबारी को महीने में एक बार मुख्य रिटर्न भरना होगा और अपनी टैक्स अदायगी दर्शानी होगी। किसी भी वस्तु या सेवा के ऊपर जो भी टैक्स चुकाना है, उसमें से खरीदारी पर लगा जो टैक्स भर दिया गया है उसका पूरा इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रत्येक कारोबारी को अपने आप ही मिलेगा।

असिस्टेंट डायरेक्टर जेके सिन्हा ने बताया कि मध्यम वर्ग के व्यापारियों को समाधान योजना के तहत राहत मिलेगी। समाधान योजना में रहने वाले व्यापारियों को मात्र 5 रिटर्न देनेे होंगे। इसके अलावा अन्य व्यापारियों को मासिक रिटर्न देने होंगे, जो अनिवार्य हैं। इस तरह साल में कुल 12 मासिक रिटर्न एवं एक वार्षिक रिटर्न देना होगा। रिटर्न फाइल करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिससे विभागीय चक्करों से मुक्ति मिलेगी। अगर आप अपने हिसाब-किताब जीएसटीएन द्वारा दी गई एक्सेल शीट में रखेंगे तो हर महीने वही हिसाब-किताब अपने आप ऑफलाइन टूल की मदद से रिटर्न में परिवर्तित हो जाएगा।

इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर केसी बाजपेई, डिप्टी कमिश्नर एसके सिंह, एडवोकेट अभिषेक श्रीवास्तव सहित व्यापारियों में मुन्नालाल गुप्ता, विष्णु गुप्ता, रामजी पुरवार, संतोष विश्नोई, चंद्रभान गुप्ता, मुकेश अग्रवाल, जगदीश गुप्ता, मंजर आलम, मोहम्मद इदरीश, जाहिद, इरशाद आदि सहित लगभग आधा सैंकड़ा व्यापारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव 

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