ए डी ओ पंचायत के द्वारा उगाही का फरमान सफाई कर्मचारियों ने डी एम को दिया ज्ञापन

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हसनगंज/उन्नाव (ब्यूरो)- स्वच्छ भारत मिशन को पूरा कराने के जिम्मेदारी सफाईकर्मियों के भरोसे छोड़ कर अधिकारी उगाही में जुट गए हैं। ब्लाक में बिजली, पंखे,सहित स्वच्छता पर वाल पेंटिंग के लिए सहायक पंचायत अधिकारी ने पांच सौ से एक हजार रुपये की वसूली सफाई कर्मचारियों से शुरू कर दिया है।जिस पर पीड़ित सफाई कर्मचारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर एडीओ पंचायत की मनमानी की पोल खोल दी है। मालूम हो कि हसनगंज विकास खंड में बी डी ओ न होने से इन दिनों ए डी ओ पंचायत ने सफाईकर्मियों पर अपना रौब जमा दिया है।

गांवों में बजबजाती नालियों की सफाई राम भरोसे हो गई है। तैनात सफाई कर्मचारियों की दस दस की टीम ग्राम पंचायतों में शौचालय बनवाने में ड्यूटी ए डी ओ पंचायत ने लगा दी है। द्वारा वाल पेंटिग , स्वच्छता पंखे विजली तार ,सहित स्वच्छता के लिए वाल पेंटिंग के लिए ए डी ओ पंचायत पारस नाथ ने सफाई कर्मियों पर दबाव बनाकर 500 सौ रुपए से लेकर 1000 रुपए तक वसूली जारी कर दिया है।जिस पर सफाई कर्मचारी संघ ने डी एम को ज्ञापन देकर कार्यवाही की मांग की है।संघ के अध्यक्ष संदीप कुमार भारतीय ने आरोप लगाया है रूपये न देने पर पैरोल पर संस्तुति न करना और सस्पेंड करने की धमकी देते रहते हैं।

हसनगंज ब्लाक में 107 सफाई कर्मचारियों से ए डी ओ पंचायत ने पाँच सौ रुपए से लेकर एक हजार रुपए तक का फरमान जारी किया है। जिसमें सभी कर्मचारियों ने इन रुपयों को देने की वजह पूछा तो एडीओ पंचायत पारसनाथ उपाध्याय ने बताया कि ब्लाक परिसर में शिव मन्दिर के जीणोद्धार , वॉल पेंटिंग पंखों की मरम्मत बिजली का तार आदि को बता कर पैसे इकट्ठा किये हैं जबकि सरकार द्वारा स्वच्छता व ब्लाक के मेंटिन्स के लिये बजट अलग से आता है। फिर भी सफाई कर्मचारियों ने बताया कि बेवजह रुपए वसूले गये हर महीने में पाँच से छः बार ब्लाक मुख्यालय पर मीटिग बुलाकर ए डीओ पंचायत दबाव बनाते रहते हैं। जिससे गांवों में सफाई कार्य बाधित होता है। इसके पहले कभी भी मीटिग नही बुलाई गयी हम सभी सफाई कर्मचारी सिर्फ महीने में पैरोल जमा करने ब्लाक आते थे जिस पर उत्तरप्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुनील कुमार , दिनेश , अनिल , सरोज , सूबेदार मनोज पाल पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर एडीओ पंचायत द्वारा रुपयो की उगाही के लिए जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है।

एडीओ पंचायत पारसनाथ उपाध्याय ने बताया कि पाँच सौ रुपए मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए लिए गए थे। बाकी सफाई कर्मचारियों का आरोप गलत है। गांवों में टीम बनाकर शौचालयों की प्रगति के लिए लगाया गया है।

रिपोर्ट- राजेंद्र आजाद

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