बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिबंध के बावजूद हो रहा खनन

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प्रतीकात्मक

बलिया(ब्यूरो)– नरही से नारायणपुर तक जितने भी ग्राम सभा गंगा तट के किनारे बसे है। लगभग अधिकांश ग्राम सभा में खनन करने वालो का राज कायम है। सूत्रों के अनुसार जैसे ही मध्य रात्रि शुरू होती है। उसी समय से लेकर भोर तक गंगा नदी से सफेद बालू का खनन होने लगता है। गंगा नदी से सफेद बालू का खनन कर खनन करने वाले इसे क्षेत्र सफेद बालू को ऊंचे दामो में बेचने का काम करते वही खनन विभाग इस विषय पर मौन धारण किया हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक खनन दियारे में हो रही है। वही नरही प्रशासन ने सोमवार को रात्रि में एक ट्रैक्टर सफेद बालू के साथ पकड़ कर ट्रैक्टर को सीज कर दिया है। नरही प्रशासन के इस तरह उठाये गए कदम से खनन करने वालो में जहा दहसत का महौल बना हुआ है। वही दूसरी तरफ बंद जुबान से यह भी चर्चा है कि प्रशासन सिर्फ छोटी मछली पकड़ कर अपना वाह वही लूटना चाह रही है। वही दूसरी तरफ बड़ी मछली रुपी खनन करने वालो को गंगा नदी में तैरने के लिए छोड़े हुए है। समय रहते अगर जिला प्रशासन इस विषय को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया तो इस क्षेत्र में मां गंगा का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकती है।

रिपोर्ट- संतोष कुमार शर्मा
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