मिर्ज़ापुर की बेटी ने लद्दाख की 18 हजार फिट ऊँची बर्फीली चोटी पर लहराया तिरंगा

0
72

मिर्जापुर (ब्यूरो)- जनपद की बेटी ने लद्दाख की 18 हजार फीट ऊंची बर्फीली चोटी पर देश का तिरंगा झंडा फहरा कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। उसके गांव वापस आने पर क्षेत्र में जश्न का माहौल देखते बन रहा था। वह वाराणसी के अग्रसेन कॉलेज में पढ़ती है। जिले के माफी गांव के किसान संतराम सिंह की बिटिया काजल पटेल ने पूरे जिले का नाम रौशन किया है।

ग्रामीण मुख्य सड़क से उसका गाजे बाजे के साथ स्वागत कर गांव तक ले गए। 18 छात्राओं के दल मे वह उत्तर प्रदेश से अकेली लड़की शामिल रही। हिनौती माफी गांव के किसान संत राम सिंह के तीन संतानों में से दूसरे नंबर की बिटिया काजल पटेल की प्रारंभिक शिक्षा गांव से शुरू हुई। हाईस्कूल की शिक्षा अदलहाट व इंटर विज्ञान की शिक्षा सरदार पटेल इंटर कॉलेज कोलना में हुई।

वह वर्तमान में वाराणसी के अग्रसेन कॉलेज से बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा है। काजल बीएचयू वाराणसी के यूपी एयर स्वबाड्रन एनसीसी की कैडेट है। उसने बताया कि डीजी एनसीसी दिल्ली से 18 कैडेटों की टीम 24 मई 2017 को रवाना हुई जो हिमाचल के मनाली, सोलांग वैली तथा वैली से 12,500 फीट ऊंची व्यास कुंड की पथरीली तथा पहाड़ी मार्गों से पैदल अनवरत हो रहे बरसात में भींगती हुई पहुंची।

व्यास कुंड से कैंप वन जो 5600 फीट की ऊंचाई पर काफी दुरुह मार्ग है | जगह-जगह ग्लैशियर के पहाड़ को पार कर के जाना था। कैंप वन पहुंच कर चार दिन रुकना पड़ा। वहां काफी बरसात व बर्फीली सर्द हवाओं के थपेड़े भी सहन करने पड़े। स्लिपिंग बैग से लेकर टेंट तक भींग गए। टीम के साथ कैंप वन से एक जुलाई की 12 बजे रात में पैदल चल कर सुबह सात बज कर 20 मिनट पर लद्दाख की ऊंची चोटी पर पहुंच कर देश का तिरंगा झंडा फहराया। 49 दिन बाद पूरी टीम दिल्ली वापस आ गयी है ।

रिपोर्ट – साज़िद अंसारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here