नगर पंचायत ऊँचाहार में सरकारी धन का हो रहा है दुरूपयोग

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ऊंचाहार/रायबरेली (ब्यूरो)- नगर पंचायत ऊँचाहार में घोटालों की लम्बी फेहरिस्त है। नगर पंचायत अध्यक्ष की मनमानी और अधिाषी अधिकारी की लाचारी के चलते लाखों रूपयों का घोटाला किया जा चुका है। जिसका खुलासा जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कार्यालय नगर पंचायत से प्रेषित सूचनाओं में हो चुका है। कहीं पर बिना चेक संख्या के फर्म को भुगतान किया गया है तो कहीं सामग्रियों की खरीद में बाजारी रेट से ऊँचे दामों पर यंत्रों आदि की खरीद की गई है और तो और शुभकामना विज्ञापनों में तो लम्बी धनराा का भुगतान ऐसे समाचार पत्र पत्रिकाओं को कर दिया गया, जिसका नाम ही शायद स्थानीय नागरिक न जानते हों।

फिलहाल आरटीआई से हुए उक्त खुलासों की खबर से संबंधितों मे अफरा तफरी मची हुई है। नगर वासियों की मानें तो अगर क्रय सामग्री से लेकर अन्य व्यय की जांच किसी स्वतंत्र टीम से कराई जाये तो नगर पंचायत का बडा घोटाला सामने आ सकता है। फिलहाल आइये नजर डालते हैं नगर पंचायत के कुछ गडबड झालों पर-मामला है जनपद की ऊँचाहार नगर पंचायत का।

वर्ष 2014-15 मे नगर के लिए दो मोबाइल शौंचालय खरीदे गये थे। जिसका बिल भुगतान लगभग चार लाख रूपये प्रति शौचालय की दर से किया गया है लेकिन जानकार बताते हैं कि उस समय उसी मोबाइल शौंचालय की कीमत लगभग दो लाख से तीन लाख के आस पास थी| यदि जानकारों की जानकारी सत्य है तो एक शौचालय के पीछे लगभग एक लाख का हेर फेर है।

फिलहाल ये तो बात थी सरकारी धन के बंदर बाट की और अब बात करतें हैं उन्ही मोबाइल शौचालय की उपयोगिता की। प्रर्दित तस्वीरें उन्ही शौंचालयों की हैं जिनका ऊपर जिक्र किया गया है। इन दिनों ये शौंचालय नगर पंचायत कार्यालय की शोभा बढानें मे लगाये गये है। तो ऐसे मे इसकी उपयोगिता भी पूर्णतया स्पष्ट है। ऐसे तमाम प्रकरण है जिनमे सरकारी धन के साथ खिलवाड किया गया है।

क्या कहते हैं जानकार- नगर पंचायत ऊँचाहार के पूर्व चेयरमेन सल्लन का कहना है कि उपरोक्त मोबाइल शौचालय मे एक एक लाख रूपये का खेल खेला गया है अगर कोटेन मंगवाकर इसकी जांच कराई जाये तो पूरा मामला साफ हो सकता है तथा संबंधितों पर गाज गिर सकती है। यही नही थाना ऊँचाहार मार्ग पर बिजली घर के निकट शनि महाराज के मंदिर निर्माण मे भी नगर पंचायत का 92 हजार रूपया बिना किसी की अनुमति के लगा दिया गया है जिसकी जांच होनी चाहिए।

समाज सेवी व कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता नजमुल हसन का कहना है कि नगर पंचायत से जितने भी कार्य हो रहे हैं अधिकां कार्यों की उपयोगिता नही है चाहे वह विकास से संबंधित हो और चाहे क्रय सामग्री की बात हो। उदाहरण के तौर पर खरौली मार्ग से चौराहा होते हुए नेनल हाइवे के किनारे बन रहे नाले को ही ले लीजिए जैसा की सभी जानते हैं कि राजमार्ग फोर लेन होने जा रहा है|

एक वर्ष के भीतर ही यह फोर लेन हो जायेगा जिसमे राजमार्ग के लोग इस नाले को महत्व नही देंगें और इसे निचय ही तोड देंगें। इस बात की जानकारी अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक सब को है लेकिन नगर पंचायत के सरकारी धन को बर्बाद किया जा रहा है।

रिपोर्ट-अनुज मौर्य/सर्वेश

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