महिला संरक्षण के लिए बने क़ानूनों का जमकर हो रहा दुरूपयोग

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पुरवा (उन्नाव) – आज कल आपसी रंजिशो में भी लोग महिलाओं व नाबालिग किशोरियों को ढ़ाल बनाकर बड़े मामलों मे फंसाये जाने का आम प्रचलन सा हो गया है तमाम मामलों मे देखने को मिलता है कि पति परमेश्वर महोदय कोतवाली के बाहर खड़े होकर अपनी गृहणियो को शिकायती पत्र थमाकर थाने भेजते हैं तमाम मामलों मे लोग नाबालिग किशोरियो को ढ़ाल बनाकर घटनाओं को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने का प्रति चलन आम होता जा रहा है।

बतातें चले कि इन दिनो थानो और कोतवालियों में आने वाले फरियादियों में पुरूषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक दिखाई पड़ती है। और छोटी-छोटी घटनाओं को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जाता है जिसमे तमाम बेगुनाहो को भी जेल की हवा खानी पड़ती है कारण यदि पुरूष थाने और कोतवालियों में अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है तो उस आने वाले पुरूष फरियादियों से पुलिस अच्छे ढ़ंग से बात न कर पुलिसिया गाना सुनाती है महिला फरियादियों से ऐसा नही होता है दूसरी बात पुलिस अपने कर्तव्यो का सही पालन नही करती है। जिसके कारण बड़ी घटनायें होती है यदि पुलिस छोटी घटना को संज्ञान लेकर कार्यवाही करें तो बड़ी घटना घटने का सवाल नही पैदा होता यदि कोई व्यक्ति मार खाकर थानो या कोतवालियों में अपनी आपबीती बताने पहुंचता है तो उसे थाने पर ही बैठाकर दूसरे पक्ष को भी बुला लिया जाता है और दोनो लोगों को शान्ति भंग के मामले मे लिखा पढ़ी कर दोनो का चालान भेज दिया जाता है। ऐसे में मार खाय हुए पीड़ित को न्याय कहां मिला उसे तो गांव के गुन्डे ने मारा भी और थाने पहुंचकर अपनी पीड़ा बताने पर शान्ति भंग में चालान भी ।

यदि थानों और कोतवालियों में पीड़ितों को सही न्याय मिले तो शायद छोटी-छोटी घटनायें बड़ा रूप् न ले हाल ही में इसी मार्च महीने मे कोतवाली क्षेत्र के दो दलित ग्राम प्रधानो को गांव के गुन्डो ने पीट दिया मामला थाने पहुंचा कोतवाली पुलिस व खाने पीने वाले दरोगाओं ने आज कल कह कर टालते रहे। कार्यवाही के नाम पर जीरो जैसे की कोतवाली क्षेत्र की ग्राम सभा बहरौरा बुजुर्ग के दलित प्रधान हंसराज वर्मा जिन्हें गांव की जनता ने दूसरी बार प्रधान चुना पर दलित समाज का होने के कारण ग्राम जाफरखेड़ा मजरे बहरौरा बुुजुर्ग के भूतपूवर्प प्रधान भिखारी शर्मा के पुत्रों ने पीट दिया मामला कोतवाली पहुंचा कार्यवाही के नाम पर शून्य पीड़ित प्रधान अपर पुलिस अधीक्षक की चैखट पर पहुंचा फिर क्या दलित प्रधान हंसराज पासी व अभियुक्तो को थाने पर बुलाकर सुलह समझौता करा दिया गया इसलिये की दलित उत्पीड़न का अभियोग पंजीकृत न करना पड़े वहीं दूसरी घटना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सभा मझिगवां सदकू का दलित प्रधान रामलाल कोरी को गांव के ही दबंग दलित ने पीट दिया कार्यवाही के नाम पर शान्ति भंग मे चालान खाउ कमाउ पुलिसिया नीति के चलते पीड़ितो को न्याय नही मिल पाता कारण है कि जब छोटी घटनाओं पर पुलिस परदा डालती है तो वहीं बडी घटना का रूप धारण करती है। पुलिस उन मामलो मे ज्यादा ध्यान देती है जिसमें तरित पेट्रोल खर्च के नाम रकम मिलती है इनका पेट्रोल भी बड़ा महंगा होता है 500 रूपया से नीचे नही मिलता। उसके उपर कोई गिनती नही जो जैसा मिला वैसे मोड लिया क्या नवागत सरकार मे यह पुरानी व्यवस्था में सुधार आयेगा। उम्मीद तो कम ही दिखाई दे रही है।

रिपोर्ट – मोहम्मद अहमद चुनई

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