शिक्षक सत्याग्रह के दौरान एमएलसी संजीव श्याम सिंह आरा में गिरफ्तार

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आरा :
समान काम समान वेतन की मांग को लेकर शिक्षकों के जारी आंदोलन के बीच गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी संजीव सिंह की आरा में हुई गिरफ्तार से शिक्षक उबल पड़े हैं। शिक्षक सत्याग्रह के दौरान आरा में शिक्षकों के साथ धरना पर डटे एमएलसी के गुरुवार दोपहर बाद हुई गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में शिक्षक गोलबन्द हो थाना जा पहुंचे,सरकार विरोधी नारेबाजी के बीच आक्रोशित शिक्षक एमएलसी के रिहाई की मांग पर अड़े हैं। शिक्षकों के संख्याबल से प्रशासनिक अफसर दबाव में हैं।

उधर गिरफ्तारी के बाद एमएलसी संजीव श्याम सिंह ने कहा कि सरकार मुग़ालते में न रहे,आंदोलन और उग्रतम होगा,बौद्धिक संपदा पर कुठाराघात की सरकारी कोशिशों का मुंहोतोड़ जवाब दिया जाएगा। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था “सुप्रीम कोर्ट” के “समान काम समान वेतन” सम्बन्धी आदेश को भी ये सरकार ठेंगा दिखाकर सूबे के मेहनतकश युवाओं का बंधुआ मजदूरों की भांति शोषण और दोहन में जुटी है..बिहार सरकार जहाँ एक ओर गांधीजी के सत्याग्रह के सौंवे साल का जश्न मना रही है,वहीं अपनी संविधानसम्मत मांगों को लेकर गांधीजी के बताए सत्याग्रह के रास्ते पर चल रहे शिक्षकों के विरुद्ध दमनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई से बाज नहीं आ रही है। यह दोहरा मानदण्ड बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि सूबे के छात्रों का ससमय मूल्यांकन न होने के कारण यदि परीक्षा परिणाम में विलंब होता है तो इसके लिए शिक्षक नहीं बल्कि सरकार का ढीठतापूर्ण अड़ियल रवैया कारण है।

इधर सोशल मीडिया के जरिए एमएलसी के गिरफ्तारी की खबर प्रसारित होते ही सूबे के विभिन्न जिलों में आंदोलनरत शिक्षक भड़क उठे। सभी केंद्रों पर ठप्प पड़े मूल्यांकन कार्य के बीच माध्यमिक शिक्षक संघ व अन्य नियोजित शिक्षक संघों ने आपात बैठक की और एलान किया कि शिक्षकों के मनोबल तोड़ने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई से शिक्षक नहीं डरेंगे,आंदोलन को और तेज करेंगे। गया जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रागीव हसन व सचिव अनुज कुमार ने एमएलसी के गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शिक्षक नेता व एमएलसी श्री सिंह को आज नहीं रिहा किया गया तो कल से जिले में अम्बेडकर पार्क पर धरना प्रदर्शन होगा,शिक्षक हताश नहीं होंगे बल्कि आंदोलन को और तेज करेंगे,सत्याग्रह से सरकार बैकफुट पर आ गयी है। शिक्षक नेता आशुतोष कुमार व जितेंद्र कुमार ने लोकप्रिय शिक्षक प्रतिनिधि सह एमएलसी संजीव श्याम सिंह की गिरफ्तारी को सरकार की बेचैनी,कुंठा और मनोविक्षिप्तता का सूचक बताते हुए कहा कि शिक्षक सत्याग्रह की आंच में सरकार व उसके हुक्मरान झुलस कर राख हो जाएंगे। शिक्षक नेता मनोज कुमार व रणजीत कुमार ने कहा कि एमएलसी की गिरफ़्तारी सरकार के ताबूत की आख़री कील साबित होगी।

इधर प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के सारे शिक्षक संगठनों ने एमएलसी के गिफ्तारी की तीखी भर्त्सना करते हुए आंदोलन में साथ देने की बात कही है। जाहिर है कि इससे आंदोलन को अत्यधिक बल मिलेगा। गौरतलब है कि “समान काम समान वेतन” की मांग को लेकर सूबे के शिक्षक आंदोलनरत हैं। ‘बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ’ के बैनरतले चल रहे शिक्षा सत्याग्रह और मैट्रिक-इंटर की कॉपियों का मूल्यांकन बहिष्कार की वजह से गत एक पखवाड़े से मूल्यांकन कार्य ठप्प है। ‘नियोजित शिक्षक न्याय मोर्चा’ समेत अन्य संगठनों के समर्थन से सत्याग्रह को मिली धार ने सरकार की नाक में दम कर दिया है, माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों का मूल्यांकन कार्य में असहयोग से निबटने के लिए सरकार का निजी विद्यालयों के शिक्षकों के अलावा प्राईमरी स्कूल के शिक्षकों के जरिए कॉपियों का मूल्यांकन की कवायद भी बेअसर रही है।

इधर अभी अभी मिली जानकारी के मुताबिक शिक्षकों के चट्टानी एकता और तीखा आक्रोश के कारण खतरे की बढ़ती आशंका के मद्देनजर एमएलसी संजीव श्याम सिंह व उनके साथ गिरफ्तार हुए सैंकड़ों शिक्षकों को शाम ढलने के बाद सवा सात बजे रिहा कर दिया गया है।

रिपोर्ट – रमा शंकर प्रसाद

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