मोबाइल एजेंसी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)– मोबाइल एजेंसी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में अदालत के आदेश के बावजूद भी गौरीगंज थानाध्यक्ष के जरिये अग्रिम विवेचना में लापरवाही बरती जा रही है। जिस पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए न्यायाधीश अनिल कुमार सेठ ने थानाध्यक्ष को जांच आख्या के साथ व्यक्तिगत रूप से आगामी पेशी पर तलब किया है।
मामला गौरीगंज थानाक्षेत्र के सैठा तिराहे का है। जहां के रहने वाले व्यापारी विनय अग्रहरि ने 2 अप्रैल 2014 की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया।

आरोप के मुताबिक आरोपी सौरभ अवस्थी एक अज्ञात व्यक्ति के साथ उसकी दुकान पर आया और खुद को लखनऊ आॅफिस से अटैच बताते हुए उससे मोबाइल एजेंसी दिलाने के नाम पर 56 हजार रूपये हड़प लिए। दो-तीन दिनों तक जब सौरभ के जरिये सामान नहीं भिजवाये गए तो विनय को इस बात की जानकारी हुई। तब उसने थाने में मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने मनमुताबिक विवेचना कर प्रकरण में फ़ाइनल रिपोर्ट लगा दी। पुलिस की तफ्तीश को अभियोगी ने चुनौती दी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट रद्द कर दी और प्रकरण में अग्रिम विवेचना का बीते 29 जून को आदेश दिया। बावजूद इसके विवेचक के जरिये प्रकरण की तफ्तीश में घोर लापरवाही बरती जा रही है। जिस पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए अदालत ने आगामी 4 अप्रैल के लिए गौरीगंज थानाध्यक्ष को अग्रिम विवेचना रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

रिपोर्ट- संतोष कुमार यादव

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