कैबिनेट में किसी भी प्रकार के बदलाव के मूड में नहीं है PM मोदी

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नई दिल्ली- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी फिलहाल कैबिनेट में बदलाव के मूड में नहीं हैं। पीएम का मानना है कि अब तक 459 फैसलों को लागू किया जा चुका है। मोदी को लगता है कि मंत्री अभी अच्छा काम कर रहे हैं, उनका हौसला बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बुधवार को मंत्रियों के परफॉर्मेंस के रिव्यू के दौरान यह बात कही।

कब होना था कैबिनेट में फेर बदल
अमित शाह की बीजेपी प्रेसिडेंट पोस्ट पर दोबारा ताजपोशी से पहले ये खबरें आई थीं कि मोदी संसद के बजट सेशन से पहले या बाद में कैबिनेट में बदलाव कर सकते हैं।
लेकिन एक अंग्रेजी अखबार ने एक मंत्री के हवाले से कहा, मोदी ने पीएमओ के आंकड़ों का जिक्र किया कि कैसे कैबिनेट के 548 में से 459 फैसलों को लागू किया जा चुका है।
कैबिनेट सेक्रेटरिएट के एक अफसर ने बताया कि अभी सरकार का बजट सेशन में अहम बिलों को पास कराने पर है।
हर महीने करेंगे रिव्यू
मोदी ने मंत्रियों से यह भी साफ कह दिया कि वे हर महीने के आखिरी बुधवार को रिव्यू मीटिंग करेंगे। ये मीटिंग्स एग्रीकल्चर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सोशल एंड कोर सेक्टर्स पर होगी।
बीते बुधवार की मीटिंग में एग्रीकल्चर, रूरल डेवलपमेंट, वॉटर रिसोर्सेस, गंगा रिजुवनेशन, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन और केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री के कामकाज पर चर्चा हुई।

क्यों उठी थी कैबिनेट में बदलाव की चर्चा – जानें

पिछले हफ्ते रॉयटर्स की खबर में कहा गया था कि अरुण जेटली दोबारा डिफेंस मिनिस्टर बन सकते हैं।
पीयूष गोयल को प्रमोट कर फाइनेंस मिनिस्टर बनाया जा सकता है।
इसके पीछे वजह यह बताई गई थी कि मोदी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में तेजी चाहते हैं। उन्हें लगता है कि इसके लिए टीम में फेरबदल जरूरी है।
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद से आरएसएस सरकार की इमेज को लेकर परेशान है।
आरएसएस की तरफ से दबाव है कि काम नहीं कर पा रहे मंत्रियों को हटाया जाए, ताकि आने वाले चुनावों से पहले सरकार की इमेज सुधरे।
मोदी सरकार ने जॉब्स और ग्रोथ को लेकर कई वादे किए थे। लेकिन डेढ़ साल बाद भी इन पर कोई खास काम नहीं दिख रहा।
इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के मकसद से हुए रिफॉर्म्स की रफ्तार धीमी है। इकोनॉमी भी कमजोर पड़ी है।
दो साल से पड़ रहा सूखा भी रूरल ग्रोथ की राह में बड़ी रुकावट बना है।
7 मंत्री संघ से जुड़े हैं।

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