जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं पर सख्त हुई मोदी सरकार, जल्द ही छीन सकती है सभी सरकारी सुविधायें

0
5183

jammu kashmir

दिल्ली- जम्मू-कश्मीर में आज़ादी के नाम हिंसा फैलाने वाले और कश्मीर को भारत से अलग करने की बात करने वाले सभी अलगाववादी नेताओं के ऊपर केंद्र सरकार ने सख्ती से निपटने का पूरा खाका तैयार कर लिया है | सूत्रों के हवाले से प्राप्त खबर में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही अलगाववादी नेताओं को मिलने वाली सभी सुविधाओं को रोक सकती है |

बता दें कि पहले से ही अलगाववादी नेताओं को मिलने वाली सुविधाओं को रोकने की लगातार मांग उठती रही है | लेकिन पीछे की केंद्र सरकार ने इस पर गंभीरता से कोई भी विचार नहीं किया है लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बाद मोदी सरकार ने पहले ही एलान कर दिया था कि देश को तोड़ने की बात करने वाले किसी भी ब्यक्ति को बख्सा नहीं जाएगा | आशा की जा रही है कि इसी के चलते मोदी सरकार ने यह मन बनाया है कि अलगाववादी नेताओं को दी जाने वाली सभी सुविधायें अब रद्द की जायेंगी |

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार की त्तारफ से अलगाववादी नेताओं को कश्मीर से बाहर जानें हवाई टिकट, होटल, गाड़ियों आदि की सुविधा प्रदान करती रही है | लेकिन अब अगर सरकार इन नेताओं से यह सुविधायें वापस लेती है तो साफ़ है कि किसी भी नेता को इनमें से कोई भी सुविधा नहीं दी जायेगी |

पुलिस सुरक्षा भी वापस लेने की बात हो चुकी है –
बता दें कि अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा के लिए उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस प्रोटेक्शन भी दिया जाता रहा है | इस पुलिस प्रोटेक्शन पर भी कई बार सवाल खड़े किये गए है और मांग की गयी है कि अलगाववादी नेताओं को जो पुलिस प्रोटेक्शन दी जा रही है उसे भी वापस लिया जाय | हालांकि यह प्रदेश सरकार का मसला है और इस पर प्रदेश की जम्मू कश्मीर सरकार को ही निर्णय लेना है |

बताते चले कि जम्मू-कश्मीर के इन अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा में 900 के आसपास सुरक्षा कर्मी तैनात है | इस कुल खर्च का 90% हिस्सा केंद्र सरकार के द्वारा वहन किया जाता है जबकि राज्य सरकार इस कुल खर्च का मात्र 10 प्रतिशत हिस्सा ही वहन करती है |

पिछले 5 सालों में अलगाववादी नेताओं पर सरकार ने खर्च किये 506 करोंड़ रूपये –
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, पिछले पांच सालों में जम्मू कश्मीर सरकार ने अलगाववादियों की सिक्योरिटी पर 506 करोड़ रुपये खर्च किए | सरकार ने पांच सालों में इन लोगों को होटलों में ठहराने पर ही लगभग 21 करोड़ रुपये खर्च किए. इन्हीं खर्चों को देखते हुए अलगाववादियों को दी जा रही सरकारी सुव‍िधाएं बंद किए जाने की मांग हो रही है |

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here