मोदी जी ! प्लीज मेरे बेटों को थैलेसीमियां से बचा लीजिए

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भदोही (ब्यूरो) उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक पिता 12 साल से अपने दो बेटों आकाश और मिलिंद की जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। दोनों बेटे थैलिसिमीया की बीमारी से ग्रसित हैं। हर 20 दिन पर उन्हें एक यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ता है। साल 2014 से प्रधानमंत्री कार्यालय और स्वास्थ्य मंत्रालय से इलाज के लिए 28 लाख की राशि उपलब्ध कराने की गुहार लगा रहा है, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। घर की माली हालत ठीक न होने के बाद भी पिता कर्ज में डूब गया है। लेकिन फिर भी वह बेटों की जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष जारी रखें हैं। उन्हें उम्मीद है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी मांग पर गौर करेंगे और बेटों को नई जिंदगी मिलेगी। सीएमसी हास्पिटल बेल्लूर तमिलनाडू के डाक्टरों ने दोनों बच्चों के आपरेशन के लिए चैदह-चैदह लाख की डिमांड रखी है। 12 जुलाई को आपरेशन की तारीख भी निर्धारित की है, लेकिन अभी तक पीएमओ कार्यालय की तरफ से कोई जबाब न आने से पिता उदास हैं। वह प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगा रहे हैं कि प्लीज मेरे बेटों को बचा लीजिए।

जिले के सुरियावां के अभिया पूरेखुशहाल गांव निवासी अरविंद द्विवेदी के दो बेटों आकाश द्विवेदी (10) और मिलिंद द्विवेदी (8)को थैलेसिमियां की बीमारी हैं। पिता अरविंद के अनुसार इसी बीमारी की वजह से उनके एक बेटे की मौत हो चुकी है। दोनों बेटे बीटा थैलेसिमियां से जुझ रहे हैं। 12 सालों से उन्हें हर 20 दिन में माह ब्लड़ चढ़ाना पड़ता है। इस बीमारी में खून नहीं बनता है। बोनमैरो ट्रांसप्लाण्ट इस समस्या का हल है। दोनों की बहनों से बोनमैरो मैचिंग हो गई है। तमिलनाडू के बेल्लूर स्थित सीएमसी अस्पताल के डाक्टरों ने दोनों के आपरेशन के लिए 12 जुलाई की तारीख पक्की की है, इसके एवज में 14-14 लाख की डिमांड की गई है। लेकिन अरिवंद सामान्य परिवार से हैं, उसनकी आर्थिक क्षमता इतनी नहीं है कि बेटों का बोनमैरों टांसप्लांट करवा सकें। इसके लिए पीएमओ और स्वास्थ्य मंत्रालय से दो साल से लिखापढ़ी चल रही है। पोतों की इसी बीमारी की वजह से अरविंद के पिता आदिनाथ द्विवेदी 80 साल की उम्र तक दिल्ली के एक निजी कंपनी में काम करते रहे इसी दौरान उनकी मौत भी हो गई। जिसकी वजह से अरविंद की आर्थिक स्थित और खराब हो गई। अब बेटों के आपरेशन की समस्या उठ खड़ी हुई है।

15 जून को स्वास्थ्य मंत्रालय जा कर अरविंद द्विवेदी स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मिल चुके हैं। पीएमओ को भी 14 जून को फैक्स किया है। 20 जुलाई 2016 को संबंधित संदर्भ में पीएओ कार्यालय से यूपी के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसचिव से सूचना भी मांगी गई थी। जिस पर अनुसचिव ने मिर्जापुर आयुक्त से इस संबंध में सूचना मांगी थी। अरविंद द्विवेदी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय भी संबंधित मेडिकल जांच और दूसरे कागजात भी मंगा चुका है लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मुझे प्रधानमंत्री मोदी से काफी उम्मीद है। मैं पीएम के ट्यूटर हैंडिल पर भी ट्यूट किया हूं। लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। अगर समय से धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो मेरे दोंनों बेटों का आपरेशन संभव नहीं होगा। हमारी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि हम बेटों का इलाज अपनी संपत्ति गिरवी रख कर भी करावा सकें। हमारा काफी पैसा ब्लड चढ़वाने में ही बर्बाद हो चुका है। उन्होंने बताया इस संबंध में भदोही सांसद वीरेंद्र सिंह से भी मुलाकात कर चुके हैं। इस संबंध में धनराशि उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने गेल इंडिया को भी लिखा है लेकिन अभी तक वहां से भी कोई सूचना नहीं आयी है। अरविंद के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती है। पीएमओ कार्यालय से अगर धन उपलब्ध नहीं हुआ तो बेटों का आपरेशन संभव नहीं होगा। ऐसे में उनकी जिंदगी कैसे बचायी जाएगी यह सबसे बड़ा सवाल है। अगर कोई एनजीओं या संबंधित व्यक्ति इन मासूम बच्चों की जिंदगी के लिए आगे आना चाहता है तो अरविंद द्विवेदी के इस नम्बर 07398396959 पर संपर्क कर सकता है।

रिपोर्ट-रामकृष्ण पाण्ड़ेय

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