मोदी सरकार ने शुरू किये किसानों के लिए तीन वेब पोर्टल

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http://egk-priobie.ru/library/ya-nachal-zhit-v-trushobah-tekst.html я начал жить в трущобах текст कृषि राज्‍यमंत्री श्री मोहनभाई कल्‍याणजीभाई कुंदरिया ने आज लोकसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में बताया कि भारत सरकार ने हाल में किसानों के लिए तीन पोर्टल शुरू किए हैं- पार्टिसिपेटरी गारंटी सिस्‍टम-इंडिया (पीजीएस-इंडिया), फर्टिलाइजर क्‍वालिटी कंट्रोल सिस्‍टम (एफक्‍यूसीएस) और सॉयल हेल्‍थ कार्ड (एसएचसी)।

приказ 251 от 30 июня 2015 поезд состав колеса पीजीएस-इंडिया पोर्टल: पीजीएस एक प्रक्रिया है जिससे निर्धारित मानकों के अनुसार और उत्‍पादकों/किसानों, व्‍यापारियों और उपभोक्‍ताओं सहित हितधारकों की सक्रिय भागीदारी से प्रमाणन प्रणाली में जैविक उत्‍पादों को प्रमाणित किया जाता है। पीजीएस-इंडिया पोर्टल एक वेब आधारित एप्‍लीकेशन है, जिसमें (1) पंजीकरण, (2) मंजूरी, (3) दस्‍तावेजीकरण, (4) निरीक्षण संबंधी विवरण और (5) प्रमाणन के लिए ऑनलाइन सुविधा होती है। यूआरएल www.pgsindia-ncof.gov.in पर यहां पहुंच की जा सकती है। इस पोर्टल से लघु और सीमान्‍त किसानों को जैविक प्रमाणन प्रणाली तक आसान पहुंच उपलब्‍ध हुई है। इससे प्रमाणन प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है और (1) जैविक उत्‍पादकों और (2) पीजीएस प्रमाणन संबंधी आंकड़े तैयार हुए हैं।

http://temukapharmacy.co.nz/meest/istoriya-konturnaya-karta-velikaya-otechestvennaya-voyna.html история контурная карта великая отечественная война статья 307 ук рф फर्टिलाइजर क्‍वालिटी कंट्रोल सिस्‍टम (एफक्‍यूसीएस) पोर्टल: एफक्‍यूसीएस पोर्टल एक वेब आधारित और विन्‍यास योग्‍य एप्‍लीकेशन है, जिसे नमूना संग्रह, परीक्षण और विश्‍लेषण रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया के लिए विकसित किया गया है। यूआरएल www.fqch.dac.gov.in पर यहां पहुंच की जा सकती है। इस एप्‍लीकेशन से उर्वरकों के गुणवत्‍ता नियंत्रण में शामिल अधिकांश दस्‍ती क्रियाकलापों का स्‍वचालन हो गया है। इस प्रकार इससे कुल मिलाकर गुणवत्‍ता नियंत्रण प्रणाली में सुधार लाने में मदद मिली है।

http://coinsada.es/priority/istoriya-odnogo-goroda-e.html история одного города е http://smilermovie.com/library/cherez-skolko-perevodyat-nalogoviy-vichetza-kvartiru.html через сколько переводят налоговый вычетза квартиру सॉयल हेल्‍थ कार्ड (एसएचसी) पोर्टल: एचएससी पोर्टल एक वेब आधारित एप्‍लीकेशन है जिसमें निम्‍नलिखित प्रमुख प्रारूप मौजूद हैं:

http://morethenever.myjino.ru/library/chasi-s-kukushkoy-istoriya.html (1) मिट्टी के नमूने का पंजीकरण, (2) मृदा परीक्षण प्रयोशालाओं द्वारा जांच के परिणाम की प्रविष्टि, (3) एसटीसीआर और जीएफआर के आधार पर उर्वरकों के लिए सुझाव, (4) उर्वरकों के सुझाव और सूक्ष्‍म पोषक तत्‍वों के सुझावों सहित मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड तैयार करना, (5) प्रगति की निगरानी के लिए एमआईएस प्रारूप। यूआरएल www.soilhealth.dac.gov.in पर यहां पहुंचा जा सकता है। इस प्रणाली का उद्देश्‍य भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विकसित मृदा परीक्षण-फसल प्रत्‍युत्‍तर (एसटीसीआर) फार्मूले अथवा राज्‍य सरकारों द्वारा उपलब्‍ध सामान्‍य उर्वरक सुझावों के आधार पर स्‍वत: मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड तैयार करना है।

мультик утиные истории новые серии इन पोर्टलों के लिए केंद्र प्रायोजित योजना- कृषि क्षेत्र के लिए राष्‍ट्रीय ई-गर्वनेंस योजना के अधीन वित्‍तपोषण किया गया है, जिसका उद्देश्‍य देश के किसानों के लिए कृषि संबंधी सूचनाओं तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी समर्थित परियोजनाओं को तैयार करके उन्‍हें कार्यान्वित करना है।

पीजीएस-इंडिया और सॉयल हेल्‍थ कार्ड पोर्टल वेब आधारित एप्‍लीकेशन हैं जो लोगों के बीच उपलब्‍ध हैं। किसानों से संबंधित सूचनाएं इन पोर्टलों पर उपलब्‍ध हैं, जहां वे अपनी पहुंच कायम कर सकते हैं। फर्टिलाइजर क्‍वालिटी कंट्रोल सिस्‍टम (एफक्‍यूसीएस) पोर्टल का इस्‍तेमाल उर्वरक गुणवत्‍ता नियंत्रण प्रयोगशालाओं द्वारा आधिकारिक तौर पर किया जाता है।

source – PIB

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