प्राइवेट कंपनी की मनमानी के चलते भूखों मरने की कगार पर 250 से अधिक परिवार, विरोध प्रदर्शन को हुए मजबूर

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गौतमबुद्ध नगर ब्यूरो : ग़रीब को पूरी दुनिया परेशान करती है, कुछ ऐसा ही नज़ारा आज सेक्टर 83 नोएडा में देखने को मिला, जब ZYNCE EXPORT pvt. Ltd. के वर्करों को पिछले कई महीनों से सैलरी के लिए परेशान किए जाने के बाद आज मजबूरी में वर्कर सड़क पर उतर आए और कम्पनी प्रशासन के ख़िलाफ़ नारे बाज़ी और धरना शुरू कर दिया ।

सैलरी के लिए परेशान वर्करों ने मीडिया को बताया कि पिछले लम्बे समय से ऐसा ही चला रहा है, हर बार कम्पनी कोई ना कोई बहाना करके सैलरी टालती रहती है और जब विरोध की स्थिति बनने लगती है तो हमारी मेहनत की कमाई का छोटा सा हिस्सा देकर हमारी माँग को बंद कर दिया जाता है । हम सभी बाहर से आकर यहाँ रह रहे हैं क़र्ज़े के बोझ के नीचे इतना दब जाते हैं कि मजबूरन हमें कम्पनी कोई शर्तें माननी पड़ती हैं । पर इस बार तो हद ही हो गयी है और अब हम अपना पूरा पैसा चाहते हैं, जब तक पैसा नहीं मिल जाता हम यहीं बैठे रहेंगे ।

वहाँ काम कर रहे वर्करों ने यह भी बताया कि एक-दो बार ऐसा भी हुआ कि कम्पनी के द्वारा दिया गया चेक बाउन्स हो गया, उन्होंने बताया कि कल जब वर्करों द्वारा हंगामा किया गया तो कम्पनी ने एक महीने कोई आधी सैलरी लेकर काम पर वापस लौटने को कहा और जब हमने इंकार किया तो हमें धमकी दी गयी कि यदि नहीं मानोगे तो बाहर निकाल कर कम्पनी का गेट बंद कर दिया जाएगा और फिर जो हो सके कर लेना । इसके बाद शाम के समय हमारे जाने बाद कम्पनी की कई मशीनों और कच्चे था तैयार माल को रातों-रात यह से ट्रान्स्फ़र कर दिया गया है । ऐसे में हम कम्पनी पर विश्वास करें भी तो कैसे ?

सुनने में यह भी आया है कि कम्पनी मालिकों ने कम्पनी को बेंच दिया है और चुपचाप सारा सामान ट्रान्स्फ़र करवाकर ग़रीब वर्करों का पैसा लेकर भागने की फ़िराक़ में हैं । मौक़े पर पहुँची पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वर्करों और मालिकों सभी को समझाने की कोशिश की पर कम्पनी मालिकों के व्यवहार और नियत को देखते हुए वर्करों ने किसी भी प्रकार के समझौते से इंकार कर दिया है । कई महीनों से सैलरी ना मिलने से इन वर्करों के परिवार भूखों मर रहे हैं, बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है, कुछ परिवारों के बच्चों को फ़ीस ना जमा हो पाने के कारण स्कूल से निकाल भी दिया गया है ।

ऐसे में ये मजबूर वर्कर, जिला शासन और प्रशासन से न्याय की माँग कर रहे हैं । उनका कहना है कि अगर कम्पनी प्रशासन उनकी बात नहीं सुनेगा तो वे अपनी समस्या लेकर डीएम से मिलेंगे और न्याय की माँग करेंगे ।

रिपोर्ट – अजय सिंह

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