यह है देश के सबसे भाग्यशाली पिता, 2 साल के भीतर 4 बच्चे बने आईएस…

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samiratmajmishra
भारत वर्ष की एक मात्र ऐसी परीक्षा जहां आज भी केवल और केवल टैलेंट के आधार ही चयन होता है वह है यूपीएससी | इस परीक्षा में उसी ब्यक्ति चयन होता है जो वास्तव में उस पद को डिजर्व करता है अन्यथा ज्यादातर कथित पढ़ें लिखे लोग इससे बाहर ही हो जाते है | लाखों तैयारी करने वाले युवाओं में से कोई एक ही चयनित होता है यह बात अलग है कि हर कोई इस बात का सपना देखता है कि काश उसका चयन यूपीएससी में हो जाय | लेकिन होता उसी का है जिसने वास्तवकिता में अपने आपको उस पद के योग्य बनाया है |

आपने सुना कभी सुना होगा कि एक ही गाँव, एक ही कस्बे, एक ही मोहल्ले के कुछ लोग आईएस बने हो या फिर यूपीएससी में उनका चयन हो गया हो | लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि एक ही परिवार के, इतना ही नहीं एक ही माता-पिता की चार संताने और चारों की चारों का चयन यूपीएससी में हो गया हो और आज चारों भारत सरकार की सेवा कर रहे हो | ऐसे माता-पिता को भारत का सबसे भाग्यशाली अगर माता-पिता कहा जाय तो शायद इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होनी चाहिए |

अनिल मिश्रा है देश के सबसे भाग्यशाली पिता –
आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि देश के वह सबसे भाग्यशाली पिता है यूपी के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज अझारा कस्बे में रहने वाले अनिल कुमार मिश्र | मिश्रा जी के 2 बेटे और 2 बेटी है और इन चारों का चयन यूपीएससी में हो गया है | यानी 4 बच्चे और चारों देश की सबसे बड़ी सरकारी नौकरी में कार्यरत |

अनिल जी अपने बच्चों के बारे में बहुत ही गर्व महसूश करते हुए कहते है कि उन्हें अपने बच्चों पर पूरा भरोषा था कि वे अवश्य ही कुछ न कुछ ढंग का कर लेंगे | लेकिन साथ ही अनिल मिश्रा जी यह भी कहते है कि उन्होंने यह कभी नहीं सोचा था कि उनके चारों बच्चे यूपीएससी की परीक्षा पास करेंगे और वे सभी आईएस बन जायेंगे |

2 बच्चों ने इसी वर्ष और 2 ने पिछले साल ही पास कर लिया था यूपीएससी –
बता दें कि अनिल मिश्रा जी के 4 बच्चों में 2 सबसे बड़ी बेटी क्षमा मिश्रा और सबसे छोटे बेटे लोकेश मिश्रा ने इसी वर्ष यूपीएससी की परीक्षा पास किया है जबकि जबकि पिछले साल ही माधवी मिश्रा और योगेश मिश्रा इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुए थे जबकि पिछले साल ही माधवी मिश्रा और योगेश मिश्रा इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुए थे |

सरकारी ग्रामीण बैंक में मैनेजर है अनिल मिश्रा जी –

अनिल कुमार मिश्रा जी की बात करें तो वे खुद सरकारी ग्रामीण बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत है | बैंक में मैनेजर होने के बावजूद आज भी अनिल कुमार मिश्रा जी का घर आधुनिक सुख सुविधाओं से कोशो दूर है | उन्होंने अपने जीवन में केवल अपने बच्चों को पढ़ाने का ही सपना देखा और आधुनिकता से वे जितना अधिक खुद को दूर रख सकें उन्होंने अपने आपको रखा | नतीजा आज यह है कि न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में इस परिवार का नाम है | शायद यह पहला परिवार है जिसके 4 बच्चे और चारों आईएस है |

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