अनार नहीं अमृत हैं यह ! आइये जानते हैं क्या हैं खूबी अनार के फल में ?

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anarअनार हमारे शरीर के लिए बहुत लाभदायक हैं इस बात की जानकारी हर किसी को लेकिन यह शायद ही लोगों को पता होगा कि अनार का छिलका भी हमारे शरीर के लिए उतना ही गुणकारी हैं जितना कि अनार I अनार पित्तप्रकोप, अरुचि, अतिसार, पेचिश, खाँसी, नेत्रदाह, छाती में होने वाले दर्द और साथ मन की ब्याकुलता को भी दूर करता हैं I

अनार का रस फेफड़ों, ह्रदय, यकृत, अमाशय और आतों से सम्बंधित रोगों में बहुत ही अधिक लाभदयक हैं I अनार के रस को पीने से शरीर में बहुत अच्छी चुस्ती और फुर्ती बनी रहती हैं I

गर्मियों में अनार का उपयोग – गर्मियों के मौसम में अक्सर हमें सर दर्द की समस्या हो जाती हैं, लू लग जाती हैं, आँखें धूप लग जाने की वजह से एकदम लाल हो जाती हैं इन सभी समस्याओं में अनार का रस सबसे अधिक फयादेमंद होता हैं I

पित्त की समस्या में अनार का योगदान –

अगर किसी को पित्त की समस्या हो तो ऐसे में अनार उसके लिए बहुत ही अधिक फायदेमंद फल साबित हो सकता हैं I पित्त रोग से ग्रषित ब्यक्ति को चाहिए कि वह अनार के दानों का रस निकाल ले और उसमें मिश्री मिलाकर पी ले ऐसा करने से पित्त का प्रकोप एकदम शांत हो जाता हैं I

अरुचि

अगर आपके मन में अरुचि पैदा हो गयी हैं I आपका कुछ भी खाने या फिर पीने का मन नहीं हो रहा हैं तो ऐसे में आपको अनार के रस में सेंधा नमक और शहद मिलाकर पीने से अरुचि समाप्त होती हैं I और आपका मन खाने – पीने में पुनः लौट आता हैं I

खाँसी

अगर आपको भयंकर से भयंकर खाँसी भी हुई हैं और आप इस समस्या से परेशान हैं तो इसमें चिंता करने की कोई विशेष बात नहीं हैं आपको अनार की सूखी छाल को लेना हैं जिसकी मात्रा आधा तोला हो I आप इस अनार की छाल को पीस लीजिये अच्छी तरह से और उसके बाद इसे छानकर इसमें थोडा सा कर्पूर मिलाकर पानी पी लेने से आपकी भयंकर से भयंकर खासी में आपको आराम मिल जाएगा I अगर आपको साधारण खासी की समस्या हैं तो आपको केवल अनार की छाल को मुंह में डाल कर चूसना चाहिए आपको आराम मिलेगा I

कृमि की समस्या का भी समाधान करता हैं अनार –

अगर आपके बच्चे के पेट में कीड़ों की समस्या है तो भी आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं हैं आपको नियमित तौर पर अपने बच्चों को 2-3 चम्मच अनार का जूस पिलाना हैं और बस बच्चो के पेट में रहने वाले कीड़े मर जायेंगे I

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