बहुचर्चित अवंतिका गोलीकांड में वांछित आरोपियों ने किया समर्पण, नहीं काम आयी पुलिस की नाकेबन्दी

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सुल्तानपुर (ब्यूरो): बहुचर्चित अवंतिका गोलीकांड में फरार चले रहें मुख्य आरोपी सत्य प्रकाश सिंह व रमन सिंह ने शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में सरेण्डर कर दिया।उनकी गिरफ्तारी के आश में लगी पुलिस की नाके बंदी फेल हो गयी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशारानी सिंह ने दोनो आरोपियों की रिमाण्ड स्वीकृत कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

मालूम हो कि बीते 29 जुलाई को शहर के अति व्यस्ततम इलाके में स्थित अवंतिका फूड माल के मालिक व भाजपा नेता आलोक आर्या पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ असलहें से फायरिंग की। यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हुई। जिसके आधार पर होटल मैंनेजर कन्हैया लाल गौड़ ने सत्य प्रकाश सिंह पुत्र रामनरायन सिंह-मलवा पहाड़पुर (मोतिगरपुर), रमन सिंह पुत्र उपेन्द्र कुमार सिंह-बहाउद्दीनपुर (गोसाईगंज) व सौरभ सिंह-उमरी (अखण्ड नगर) को जानलेवा हमलें के आरोप में नामजद किया। पुलिस अब तक नामजद आरोपी सौरभ सिंह एवं प्रकाश मे आये सगे भाई मनोज सिंह व अतुल सिंह को जेल भेज चुकी है। इन अपराधियों को शरण देने के आरोप में भी आधे दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस जेल भेजी है। मामलें में राहुल धुरिया का नाम भी पुलिस ने प्रकाश में लाया है।

घटना के बाद से ही पुलिस मुख्य आरोपी सत्य प्रकाश सिहं, रमन सिंह व राहुल धुरिया के तलाश में लगी है। फिलहाल इनकी गिरफ्तारी कर पाने में पुलिस फेल रही। बीते 6 जुलाई को सत्य प्रकाश सिंह व रमन ने अपने अधिवक्ता राजा प्रताप सिंह व जयन्त मिश्रा के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में सरेण्डर अर्जी दी। सीजेएम ने उन्हें वांछित होने के सम्बन्ध में कोतवाली से आख्या मांगी थी। कोतवाली से भेजी गयी रिपोर्ट में उन्हें वांछित भी बताया गया। यह रिपोर्ट कोतवाली पुलिस ने ही भेजी थी और इन्हें बखूबी सरेण्डर करने की तारीख की भी जानकारी थी। कहने के लिए पुलिस इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सतर्क भी रही। बावजूद इसके वांछित चल रहें आरोपी सत्य प्रकाश सिंह व रमन सिंह ने बड़े आराम से कोर्ट पहुंचकर सरेण्डर कर दिया और पुलिस देखती ही रह गयी।

सीजेएम आशारानी सिंह ने आरोपियों की रिमाण्ड के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए उनकी रिमाण्ड स्वीकृत कर ली। जिन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।कोर्ट में पेश होने के दौरान आरोपियो ने सीसीटीवी फुटेज से अंजान बताते हुए खुद को बेकसूर बताया है और पुलिस के जरिये झूठा मुकदमा बनाये जाने की बात कही है। वहीं पुलिस की सतर्कता की बात करें तो पहले भी पुलिस को चकमा देकर वांछित चल रहा आरोपी रीशू सिंह उर्फ देवांश दूसरे मामलें में अपनी जमानत उठवाकर जेल चला गया था। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी पुलिस देखती ही रह गयी थी। जिसके बाद पुलिस ऐसी चूक दोहराना नहीं चाहती थी। लेकिन उनकी शिथिलता के चलते लाख चाहने के बावजूद भी यह चूक हो ही गयी।

हमलावरों के शरण दाता को तत्काल मिल गयी जमानत

अवंतिका फूड माल से जुडे़ हमलावरों को शरण देने के आरोप में नगर पुलिस ने दीपक सिंह उर्फ विपिन सिंह पुत्र रवीन्द्रनाथ सिंह निवासी अठैसी-जयसिंहपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया। जिसकी तरफ से बचाव पक्ष के अधिवक्ता आर्तमणि मिश्र ने पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़ा करते हुए आरोपों को निराधार बताया। सीजेएम ने आरोपी दीपक की जमानत के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए उसकी अर्जी स्वीकार कर ली। पुलिस की ऐसी हल्की कार्यवाहियों से अपराधियों के बढ़े मनोबल पर करारी चोट नहीं लग पा रहीं है।

रिपोर्ट- अंकुश यादव 

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