किसान आंदोलन से बुरी तरह घबराई मध्यप्रदेश सरकार ने शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने से रोका

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दिल्ली : मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर हुई गोलीबारी के एक माह पूरे होने पर किसान मुक्ति यात्रा के किसान नेता आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। मंदसौर से ही आज 6 राज्यों की ‘किसान मुक्ति यात्रा’ भी शुरू हुई।किसान नेताओं के समर्थन में सरकार के विरुद्ध हज़ारों किसान सड़क पर उतरे। किसानों का भरपूर समर्थन देखकर मध्यप्रदेश सरकार बौखलाहट की हद पार कर गई। शिवराज सरकार का एकमात्र एजेंडा हर कीमत पर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने से किसान साथियों को रोकने का रहा।

डरी और घबराई हुई मध्यप्रदेश सरकार ने आनन-फानन में सभी किसानों और किसान नेताओं को बूढ़ा गांव से पिपलिया जाते समय रास्ते में गिरफ्तार कर लिया।सभी नेताओं और किसानों को मंदसौर से 15 किलोमीटर दूर धालोड मंडी ले जाया गया। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के सभी प्रमुख किसान नेताओं वी एम सिंह, राजू शेट्टी, रामपाल जाट, हन्नान मोल्ला, मेधा पाटकर, डा. सुनीलम, लिंगराज, किरण विस्सा, अविक साहा, कल्पना पारुलकर, प्रतिभा शिंदे, सुनील विमालनाथन, पारस सकलेचा, योगेंद्र यादव आदि नेताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया। ऐसे समय में जब कि कांग्रेस पार्टी तक को आंदोलन करने से सरकार नहीं रोकती, मध्यप्रदेश सरकार किसान मुक्ति यात्रा के नेताओं की धड़ल्ले से गिरफ्तारी कर रही है।

शायद मध्यप्रदेश सरकार किसानों के संगठन AIKSCC से बुरी तरह घबराई हुई है क्योंकि आज के समय मे यही संगठन पूरे देश मे किसानों की आवाज बन कर उभरा है। पुलिस की गिरफ्तारी में ही किसान नेताओं ने धालोद मंडी में जनसभा की। सभा के दौरान किसानों का उत्साह देखते बनता था। सभा के दौरान AIKSCC के प्रमुख वीएम सिंह ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि -हम बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से अपनी किसान मुक्ति यात्रा पूरी करना चाहते हैं और सरकार हमें यह यात्रा पूरी करने दे अन्यथा हमें मध्यप्रदेश से हटाने के बजाय सरकार को खुद ही यहाँ से हटना पड़ जायेगा।

सभा के दौरान योगेंद्र यादव ने कहा कि हम जिन माँगों को लेकर अपनी यात्रा में निकले हैं सरकार को चाहिए कि वह आसानी से हमारी माँगें पूरी कर दे। योगेंद्र यादव ने मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा की गई गिरफ्तारी की कार्यवाई को शिवराज सिंह चौहान की बौखलाहट करार दिया।

सभा के दौरान किसानों ने – हम अपना अधिकार मांगते, नही किसी से भीख मांगते और किसान एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। किसान नेता राजू शेट्टी ने कहा कि, हम जिस सरकार को अनाज देते हैं वो सरकार हमें गोली मारती है हमारे लिए इससे ज्यादा बुरे दिन और क्या हो सकते हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर मध्यप्रदेश सरकार और केंद्र सरकार को जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि – किसानों के नाम पर चुनाव जीतने वाली यह सरकार आज तक के इतिहास की सबसे बड़ी किसान विरोधी सरकार साबित हुई है।

आज किसान मुक्ति यात्रा का पहला दिन है। आज की यात्रा मंदसौर से बूढ़ा गाँव से शुरू होकर रिचलाल मुहा में समाप्त होगी। यात्रा के दौरान किसानों से उनकी कर्ज की समस्याओं और फ़सल के पूरे दाम से जुड़े मुद्दों पर बात भी हुई।

ज्ञात हो कि किसान मुक्ति यात्रा आज से शुरू होकर 18 जुलाई तक चलेगी। कल 07-07-2017, बृहस्पतिवार की यात्रा रिचलाल मुहा से शुरू होकर शुखलिया में समाप्त होगी।

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