आज़ाद पर जेटली ने किया पलटवार, बोले मुझे निपटाने के लिए सोनिया से मिले थे सांसद

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दिल्ली- DDCA में हुए कथित तौर भ्रस्टाचार के मामले में जंग थमने का नाम नहीं ले रही है और न ही अरुण जेटली और कीर्ति आज़ाद के बीच की जंग समाप्त होती दिख रही है I आपको बता दें कि DDCA में हुए कथित तौर पर घोटाले को लेकर पूर्व क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी के दरभगा सीट से सांसद कीर्ति आज़ाद ने एलान किया है कि आज यानि रविवार को वह प्रेस कांफ्रेंस करके कुछ और बड़े खुलासे करने वाले है I

शाह ने किया था मना, फिर भी करेंगे आजाद प्रेस कांफ्रेंस –

आपको बता दें कि शुक्रवार को आज़ाद की प्रेस कांफ्रेंस के मामले पर ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कीर्ति आज़ाद को मिलने के लिए बुलाया था लेकिन उनसे मिलने के बाद भी आज़ाद ने साफ़ कर दिया था कि वह रविवार को होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में कोई भी बदलाव नहीं करेंगे I

जेटली ने भी बोला हमला –

DDCA मामले पर आज़ाद की प्रेस कांफ्रेंस से ठीक पहले वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए अपने साक्षात्कार में कहा है कि जब देश में यू.पी.ए. की सरकार थी उस समय संसद के एक सदस्य ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गाँधी से मुलाकात की थी और इस मामले पर लिखित शिकायत भी थी I

जेटली ने बिना किसी का नाम लिए ही कहा है कि, उस वक्त संसद के एक सदस्य और सोनिया गांधी ने मिलकर ही कहा था कि वह मुझे निपटा देंगे I

DDCA में प्रक्रियागत खामियां है, कोई फर्जीवाडा नहीं है –

अरुण जेटली ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए अपने साक्षात्कार में कहा है कि, “जब संसद के सदस्य और सोनिया गाँधी ने मुझे निपटाने के लिए कहा था उसके बाद ही इन लोगों ने इस पूरे मामले को सीनियर फ्रोड्स ऑफिस (SFIO) को सौंप दिया था I जेटली ने कहा है की वर्ष 2013 में एसएफआईओ ने यह कहते हुए अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी कि इस पूरे मामले में जो भी गड़बड़ियाँ पाई गयी है वह एक प्रक्रियागत खामियां है न कि इसमें कोई फर्जीवाड़ा हुआ है I

जेटली ने कहा है कि मेरे बारे में साफ़ तौर पर यह कहा गया है कि जेटली का इस मामले में कोई भी योगदान नहीं है I और इसी के साथ यह पूरा का पूरा मामला खत्म हो गया है I

केजरीवाल सरकार के ऊपर हमला बोलते हुए वित्तमंत्री ने कहा है कि केजरीवाल सरकार से इस मामले में कोई भी लेना देना नहीं है I उन्होंने कहा है कि कोई भी कंपनी राज्य सरकार के हिस्से में नहीं आती है है I इसीलिए उसकी जांच का अधिकार केवल और केवल केंद्र सरकार के पास ही होता है I उन्होंने उदहारण देते हुए और साफ़ करते हुए कहा है कि एसिसियेट जनरल और यंग इन्डियन के मामले में यदि मध्यप्रदेश चाहे कि वह जांच कर ले तो यह संभव नहीं है I

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