नगर पालिका दिन में रोड लाइटों को जलाकार कर रही है शहर को रोशन

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road lights in day time

राज्य सरकार एक और जहां बिजली की बचत ही उनका उत्पादन बता रही है, लेकिन यह बात जैतारण नगरपालिका प्रशासन को उचित नही लग रही है। क्षेत्र मे अनेक मोहल्लो मे सुर्योदय हो जाने के बाद रोड़ लाईटे बंद नही होती है। दिन मे भी चालू रहती है। जिससे पालिका प्रशासन की लापरवाही का बोझ शहर के लोगो को उठाना पड़ रहा है।

आपको बता दें कि शहर मे रोशनी के लिये करीब 2500 से अधिक लाईटे लगी हुई है। लेकिन कई मोहल्लो मे दिन मे ही रोड़ लाईटे चालू रहती है। दूसरी तरफ कई मोहल्लो मे लगी लाईटे खराब होने के कारण उन्हे अंधेरे मे रहना पड़ रहा है। विभागीय सूत्रो के अनुसार जैतारण नगरपालिका ने पिछले तीन वर्षो मे रोड़ लाईटो का बिल लाखो की राशि का रोड़ लाईटो के लिये विद्युत उपभोग किया है,जिनमे डिस्काम लाखो रूपये शहरी उपभोक्ताओ से वसूल कर दिया है।

शहर मे दिन मे रोड़लाईटो के चालू रहने का भार 25 पैसे प्रति युनिट के हिसाब से शहर वासियो को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि इन दिनो जैतारण नगरपालिका के द्वारा बिजली की बचत करने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर शहरभर में एलईडी लाईटे लगा रही है, मगर इन लाईटो के बंद करने का कोई तय समय नही होने के कारण यह लाईटे कई जगहो पर दिन में भी जलती रहती है।

होना यह चाहिये-
– शहर मे रोडलाईट का चालू व बंद करने का टाईम टेबल होना चाहिये। तथा टाईम टेबल के अनुसार समय पर रोड़ लईटे बंद नही करने पर ठेकेदार से जुर्माना वसूल करना चाहिये। जिससे बिजली के अपव्यय को रोका जा सके।

– बिजली के अप व्यय को रोकने के लिये सख्त कानून बनना चाहिये, जिसमे अधिकारी तथा ठेकेदार दोनो को दण्डित करने का प्रावधान होना चाहिये। तभी बिजली के अपव्यय को रोका जा सकता है।

– जैतारण प्राईवेट बस स्टेण्ड व रोडवेज बस स्टेण्ड पर दिन भी लाईटे चालू रहती है। नगरपालिका कर्मी अपनी मनमर्जी बंद करते है। इसे रोकने के लिये आमजन को जागरूक होना पड़ेगा।
रिपोर्ट- भरत राणा
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