दोस्त की मृत्यु के बाद एक मुस्लिम पायलट ने खुद उठाया हिंदू बच्चों की परवरिश करने का जिम्मा

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आयुष और प्रार्थना जहीर के परिवार के साथ
आयुष और प्रार्थना जहीर के परिवार के साथ

राजधानी – राजधानी दिल्ली में एयर इंडिया के मुस्लिम पायलट ने दो हिन्दू बच्चों की परवरिश के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया हैं, आपको बता दें की जिस समय यह मामला दिल्ली की हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की खंड पीठ के सामने आया तो वह खुद भी इस मामले से प्रभावित हुए बगैर न रह सके और उन्होंने पूरे मामले को सुनने के बाद दोनों हिन्दू बच्चों की जिम्मेदारी मुस्लिम पायलट मोहम्मद शहनवाज जहीर को सौंप दी और इंसानियत के लिए किये गए इस बड़े काम की तारीफ़ भी की I

आखिर क्या हैं पूरा मामला –
आपको बता दें कि इन दोनों बच्चों के पिता और मोहम्मद शहनवाज जहीर दोनों ही बहुत अच्छे दोस्त थे लेकिन दुर्भाग्य से कुछ समय महले दोनों बच्चों के माता-पिता का देहांत हो गया था, अपने माता-पिता को खो देने के बाद दोनों ही बच्चे कुछ दिनों तक अपने रिश्तेदारों के यहाँ रहे लेकिन बाद में यह पायलट मोहम्मद शहनवाज जहीर के साथ रहने लगे I

आपको बता दें कि पायलट मोहम्मद शहनवाज जहीर के परिवार में उनकी पत्नी, बेटी, मां व सास-ससुर पहले से ही साथ ही रहते हैं। ज्ञात हो की पायलट मोहम्मद शहनवाज जहीर ने दिल्ली की हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने दोस्त के बच्चों का कानूनी तौर पर अभिभावक घोषित करने की मांग की थी I इस याचिका में पायलट ने इस बात को लिख दिया था कि उनके पिता जब बीमार थे उस समय उन्होंने अपने दोस्त पायलट मोहम्मद शहनवाज जहीर से अपने बच्चों की उनके न रहने पर देखभाल के लिए निवेदन किया था, उन्होंने सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति को बताया कि उनके परिवार में इतने लोग हैं जिससे उन बच्चों की देखरेख बहुत ही आसानी से हो सकती हैं I

अपने दोस्तों के साथ जहीर और उनकी पत्नी
अपने दोस्तों के साथ जहीर और उनकी पत्नी

याचिका में उन्होंने यह भी बताया हैं कि इन बच्चों की परवरिश के लिए एक ट्रस्ट का भी गठन किया गया हैं और इस ट्रस्ट में इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन और अन्य लोगों की मदद से अब तकरीबन डेढ़ करोंड़ के आस-पास की राशि भी जमा हो चुकी हैं I और यह सारा पैसा जैसे इन दोनों बच्चों की उम्र पच्चीस वर्ष की हो जाएगी उन्हें यह दी दी जायेगी I
पायलट मोहम्मद शहनवाज जहीर ने याचिका डालते समय उन्होंने अपने पडोसी अरुण सैनी जो कि एक हिन्दू हैं उनके सपथ पत्र को भी संलग्न किया हैं जिसमें अरुण सैनी यह भी लिखा हैं कि यह बच्चे हिन्दू हैं और इनकी धार्मिक स्वतंत्रता को किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुंचाए या फिर उनकी धार्मिक आस्थाओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो इस बात का वह खुद भी विशेष ध्यान रखेंगे I उन्हें कभी पूजा करने या फिर मंदिरों में जाने से रोका नहीं जाएगा I

आपको बता दें कि आयुष और प्रार्थना की एयर होस्टेस मां कविता दयाल और पायलट पिता प्रवीण दयाल की 2012 में मौत हो गई थी। इसके बाद यह बच्चे कुछ समय के लिए अपने एक रिश्तेदार के पास रहे। बाद में जहीर उन्हे अपने घर ले आए थे।

उन्होंने अदालत को यह भी बताया की उनके पास एक तीन मंजिला घर हैं और उनके सास-ससुर और माँ भी उनके साथ ही रहते हैं और यह सभी बच्चे उन्हें हद से ज्यादा प्रिय हैं आज उन्हें बहुत अधिक ख़ुशी हो रही हैं I उन्होंने आगे कहा कि अब मैं इन बच्चों को अपने साथ बाहर भी ले जा सकता हूँ, मैं इनका पासपोर्ट भी बनवा सकता हूँ I

Data input & photo credit – http://www.bhaskar.com

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