यूपी की इस मुस्लिम महिला ने धार्मिक भेदभाव भुलाकर कायम की इंसानियत की मिसाल |

0
1682
Woman_wearing_
                                                     Representative Image

एक तरफ जहां पूरा विश्व साम्प्रदायिकता और हिंसा की आग में झुलस रहा है, वहीँ दुरी ओर कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इंसानियत को संभाले और संजोये हुए हैं, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की एक महिला ने ऐसी ही मिसाल कायम की है |

फतेहपुर की निवास्सी 40 वर्षीय शमशाद बेगम एक मुस्लिम महिला हैं और उन्होंने अपनी बहन की हिंदू दोस्त को किडनी डोनेट करने का फैसला किया है, पिछले दो सालों से जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही आरती को किडनी देने के इस फैसले से शमशाद बेगम ने यह साबित कर दिया है कि मानवता से बड़ा धर्म कोई भी नहीं है, और बड़ी बात तो यह है कि आरती शमशाद की छोटी बहन जुनैदा की सहेली हैं नाकि शमशाद की फिर भी शमशाद बेगम ने आगे आकार आरती को मदद की पेशकश की |

दरअसल फतेहपुर की रहने वाली शमशाद बेगम अपनी बहन से मिलने पुणे गयी थी वहीँ उनकी मुलाकात आरती से हुई और जब उन्हें पता चला कि पिछले दो साल से आरती इस भयानक दर्द का सामना कर रही हैं उन्होंने बिना कुछ सोंचे समझे अपनी किडनी आरती को देने का फैसला कर लिया |

शमशाद बेगुम किडनी प्रत्यारोपण के लिए आवश्यक सभी मेडिकल फॉर्म्स जिला स्वास्थ्य विभाग में जमा करा दिए हैं, और अब वह राज सरकार की अनुमती जका इंतज़ार कर रही हैं |

शमशाद बेगम के पति का निधन 10 साल पहले ही हो चूका है अब वह अपनी बेटी और पिटा के साथ फतेहपुर में रहती हैं, शमशाद बेगम का परिवार भी उनके इस फैसले में पूरी तरह से उनके साथ है |

अखंड भारत परिवार शमशाद बेगम और उनके परिवार को सलाम करता है, हमारे इस हरपाल बिखरते समाज को शमशाद बेगम जैसे लोगों की सख्त ज़रुरत है |

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY