भारतीय सेना का एक ऐसा महानायक जिसने कभी कहा था, “युद्ध करना मेरा काम है लेकिन सिर्फ जीतने के लिए हारने के लिए नहीं” और उसने कर दिखाया वह –

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तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मती इंदिरा गाँधी के साथ गुफ्तगू करते हुए तत्कालीन सेनाध्यक्ष सैम मानिक शॉ

сколько калорий в сыре российском भारतीय सेना के महानायक कहे जाने वाले भारत के 8 वें सेना प्रमुख सैम मानिकशॉ जिन्हें लोग सैम बहादुर कह कर बुलाया करते थे I ने 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध से पहले भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी से कहा था कि मेरा काम है युद्ध करना, जीतने के लिए युद्ध करना हारने के लिए नहीं (My Job To Fight, Fight To Win, Not To Loose .)

проверить недействительный паспорт यह बात सैम बहादुर (सैम मानिकशॉ ) ने तब कहा था जब पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से परेशान होकर बांग्लादेश में रहने वाले मुसलमान रोजाना लाखों की संख्या में भारत की तरफ पलायन कर रहे थे I इस पूरी समस्या की जानकारी प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी को बराबर मिल रही थी I और उन्होंने इसी वजह से अपनी केबिनट की आपात बैठक भी बुलायी थी I

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http://ncprojectseed.org/owner/instruktsiyapo-primeneniyu-sredstva-nika.html инструкцияпо применению средства ника यह घटना है 27अप्रैल 1971 की जब बंगलादेश से आने वाले शरणार्थियों की बढती संख्या को देखते हुए भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने अपनी केबिनट की आपात बैठक बुलायी थी I इस बैठक में प्रधानमंत्री ने तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल सैम मानिकशॉ को भी बुलाया था I

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прогестерон таблица в нг мл при беременности बैठक के दौरान बांग्लादेश की तरफ से आने वाले शरणार्थियों के बारे में विचार –विमर्श किया जा रहा था साथ ही स्थित पर जनरल के विचार भी बहुत अधिक आवश्यक थे I बैठक के दौरान प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने जनरल सैम मानिकशॉ की तरफ देखते हुए कहा कि आप इस पर क्या कार्यवाही कर रहे है I इस पर जनरल सैम मानिकशॉ ने जवाब दिया कि आप क्या कार्यवाही चाहती हैं कहिये ? श्रीमती गांधी ने तुरंत कहा, “आप सेना लेकर पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान का बांग्लादेश) पर हमला कर दो I

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तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी से हाथ मिलाते हुए सेनाध्यक्ष सैम मानिक शॉ
तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी से हाथ मिलाते हुए सेनाध्यक्ष सैम मानिक शॉ

http://easytrackmenu.com/owner/i-podhoditdlya-kozhi-ruk.html и подходитдля кожи рук सैम मानिकशॉ ने जवाब दिया “ऐसा नहीं हो सकता है I” उन्होंने बात को आगे बढाते हुए कहा कि ऐसा थोड़े नहीं होता है कि आपने कह दिया और सेना हमला कर देगी, अभी मैं इसके लिए तैयार नहीं हूँ I सेना मेरी इधर-उधर पड़ी हुई उसे इक्कठा करना है, बहुत सी तैयारी करनी है, जवानों को ट्रेनिंग देनी है आदि आदि I”

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http://qaistc.com/priority/tablitsa-po-futbolu-2016-2017-premer.html таблица по футболу 2016 2017 премьер सैम मानिकशॉ ने आगे कहा कि वैसे भी मानसून का समय आने वाला है अप्रैल समाप्त हो रहा है अगर हम इस समय बांग्लादेश में घुसेंगे तो वहां की नदियों में इतना पानी होता है कि आप इस पार से उस पार तक देख भी नहीं पायेंगे और हमारी वायु सेना भी हमारे जवानों की मदद नहीं कर पाएगी इसके अलावा चीन पाकिस्तान की मदद करने के लिए भी हमारे ऊपर उत्तरी छोर पर हमला कर सकता है I अगर हम मानसून के मौसम में पूर्वी पाकिस्तान में घुसे तो निश्चित ही हम युद्ध हार जायेंगे I

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статья конституции о субъектах рф इससे पहले की मीटिंग प्रारंभ होती उन्होंने (सैम मानिकशॉ) श्रीमती इंदिरा गाँधी को कह दिया था कि इससे पहले आप अपना मुंह खोले मैं आपको अपना स्तीफा दे देता हूँ I लेकिन तब प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने कहा था नहीं सैम आप बैठिये और बताइए तब जनरल सैम मानिकशॉ ने उन्हें उपर्युक्त सभी बातें बहुत ही विस्तार से समझायी और तभी उन्होंने यह भी कहा कि मेरा काम है युद्ध करना, जीतने के लिए युद्ध करना हारने के लिए नहीं (My Job To Fight, Fight To Win Not To Loose .)

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финал лиги чемпионов уефа 2017 видео обзор और वही हुआ जब सैम मानिकशॉ के नेत्रत्त्व में भारतीय सेना ने बांग्लादेश के ऊपर आक्रमण किया तो मात्र 13 दिन के भीतर ही दुनिया के नक्से पर एक नया देश बनकर खड़ा हो चुका था जिसे आज पूरी दुनिया बांग्लादेश के नाम से जानती है I सच्चाई तो यह है कि अगर बांग्लादेश का जन्म हुआ तो वह भारत के तत्कालीन जनरल सैम मानिकशॉ की सूझ-बूझ और युद्ध कौशल का ही नतीजा था I