इस दिवाली घर पर काम करने वालों को डिनर पर बुलाकर माँ ने एक नयी और खुबसूरत परंपरा की शुरुवात की |

0
712

maid1

मेरी माँ ने हमारे घर पर एक नयी तरह की परंपरा की शुरुवात की, उन्होंने हमारी नौकरानी मदीना और उसके परिवार को घर पर रात के खाने (डिनर) के लिए आमंत्रित किया | उन्होंने मुझे और पापा को बाज़ार भेजा और सब्जी तथा दूसरी चीज़ें लेन को कहा ताकि आमंत्रित मेहमानों के लिए खास तरह-तरह के पकवान बनाये | रात में हमने साथ खाना खाया और ढेर सारी बाते की |

maid

पहली बार हमने अपने घर पर ऐसा कुछ किया था, मदीना और उसके पूरे परिवार को हमारे डाइनिंग टेबल हमारे साथ बैठकर खाना खाते देखकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था, मेरे लिए यह सब बहुत ख़ास था क्योकि मुझे याद है कैसे मै बचपन में माँ से इस बात के लिए लड़ा करता था कि हमारे घर में काम करने वाले लोग क्यों हमारे जैसा जीवन नहीं जी सकते और यह सब सुनकर माँ हमेशा रोने लगती थी और फिर मै शांत हो जाता था तो अब आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यह सब मेरे लिए कितना भावुक था कि माँ ने उन सब लोगों को दिवाली पर रात्रिभोज (डिनर) के लिए बुलाया |

यह सब मेरे लिए एक दिल को छू जाने वाला अनुभव था, जिसने मुझे एहसास कराया कि हम कितनी बेहतर ज़िन्दगी जी रहे हैं | उनसे बात करके मुझे उनके परिवार और उनके जीवन के संघर्षों के बारे में जानने और समझने का मौका मिला | कुछ सालों पहले उन्होंने एक छोटा सा घर खरीदा था लेकिन ब्याज की शर्तें इतनी कठिन थीं कि अब तक वो प्रॉपर्टी के असली कीमत से भी ज्यादा चुका चुके हैं ! स्थानीय कर्ज देने वाले अक्सर इस तरह से गरीब लोगों का फायदा उठा रहे थे, और अब वो अपना घर बेचने के बारे में सोच रहे हैं | उनका बड़ा बेटा कॉलेज नहीं जा सका ताकि कर्ज चुकाने में घरवालों की मदद कर सके, वह देर रात तक काम करता है जिससे की कुछ अतिरिक्त कमाई हो सके | उनके पति एक मजदूर हैं | बेटा कंप्यूटर के प्रति रूचि रखता है पर परवार इतना गरीब है कि कंप्यूटर नहीं ले सकता | छोटा बेटा 9वीं कक्षा में पढ़ता है पर अपनी उम्र से काफी छोटा दिखता है, पिछले साल तो वह टायफायड से लगभग मर ही गया था | पूरी शाम उसके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान थी |

maid2

मिलिए हमारी दूसरी नौकरनी मीना से, नौ महीने पहले एक कार दुर्घटना में इनके पति की मृत्यु हो गयी | अब वह अपना घर चलाने के लिए 6 घरों में काम करती है, उसने मुझे बताया वह सुबह अपने बच्चों के लिए खाना बनाती है फिर सारा दिन उन 6 घरों में काम करती है और फिर वापस आकर अपने परिवार के लिए रात का खाना बनाती है | उसने बताया की सारा दिन खाने के आस – पास रहने के कारण अक्सर उसकी भूख मर जाती है | यह संघर्षशील महिला कड़ी मेहनत से महीने में रू. 25000/- कमाती है | मैंने कभी भी उसे बहाना बनाते या शिकायत करते नहीं सुना | क्या यह बड़ी बात नहीं है दुनिया के सबसे अच्छे टीचर जिनसे हम बहुत कुछ सीख सकते हैं हमारे अपने घरों में काम करते हैं ?

maid3

जब में गाड़ी में उन्हें उनके घर छोड़ने गया तब मुझे एहसास हुआ कि हमारे यहा काम करने वाले लोग हमारे घरों से कितने दूर रहते हैं, पूरा रास्ता तय करने में अपनी कार से मुझे 45 मिनट लगे और वह आने के लिए सार्वजनिक यातायात का प्रयोग करती है | वह सुबह जल्दी आती है और शाम के घर जाती है | मुझे लगता है अगर लोग अपने घर में काम करने वालों के घर देखें और उनके जीवन के प्रसंग को समझने की कोशिश करें तो लोग उनके देर से आने या किसी अन्य चीज पर सवाल उठाने से पहले एक बार सोचेंगे |

घर वापस आते वक़्त माँ ने बताया कि मदीना हमेशा उन्हें अपने घर पर होने वाले त्योहारों जैसे कि ईद और बेटी की शादी जैसे मौकों पर निमत्रण देती है और पापा और मै उसकी ख़ुशी के लिए इन समारोहों में शामिल होते हैं | माँ ने कहा उसे यह बात कभी बुरी नहीं लगी कि हम अपने घरों में होने वाले त्योहारों और समारोहों में उसे निमंत्रण नहीं देते | क्या यह अजीब नहीं है कि कैसे गरीब लोगों के दिल इतने बड़े होते है ? यक़ीनन उनके पास प्यार, उदारता और साहस की कोई कमी नहीं है | माँ ने कहा इस रात्रिभोज (डिनर) के बाद वह संतुष्टि और शांति का अनुभव कर रही है | यह एकदम साफ़ था कि पिछली रात हमने जो दिया उससे कहीं अधिक हमने पाया |

ऐसा लगता है कि यह हमारे परिवार की एक नयी और खुबसूरत परम्परा की शुरुवात है, जिसे हम समय के साथ आगे बढ़ाएंगे | इसने मेरी जीवन कोई कई अनजाने खुबसूरत एहसासों से भर दिया है | मैंने उसके बेटे से उसके पसंदीदा कंप्यूटर फोटो भेजने को कहा है जिसकी उसे ज़रुरत है और मै यह कोशिश करूँगा कि हम उसे यह दे सकें | किसी की ज़िन्दगी में बड़े बदलाव करने में कुछ ज्यादा नहीं लगता है, बस छोटी-छोटी कोशिशें ही काफी होती हैं |

By – Nithya shanti

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

twelve − 10 =