न इंटरनेट, न मशीनें, खाद के लिए मारा-मारी

जालौन(ब्यूरो)- खाद के लिए केद्र सरकार द्वारा नया नियम लागू किए जाने के बाद अब किसानों की मुश्किलें बढ गई हैं। कारण यह है कि नए नियम के तहत बिना अंगूठा लगाए खाद मिल नहीं सकती और इस नियम का पालन कराने के लिए अभी कोई तैयारी नहीं है। जिन सोसायटी पर मशीनें पहुंच भी गई हेैं वहां पर कहीं इंटरनेट की समस्या है तो कहीं पर कर्मचारियों के अनुभव की। नतीजतन किसानों को खाद के लिए मारा-मारी करनी पड रही है।

गौरतलब है कि इस बार से केंद्र सरकार ने खाद वितरण के लिए नया नियम लागू कर दिया हैै। मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही किसानों को खाद दी जा रही है। सरकार ने यह नियम भले ही लागू कर दिया, पर इसकी कोई तैयारी नहीं है। कई सोसायटी पर तो अभी तक अंगूठा लगाने वाली मशीनें ही नहीं पहुंची हैं। जहां पर मशीनें पहुंच भी गई हैं वहां पर इंटरनेट की सुविधा नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में वैसे भी नेटवर्क समस्या रहती है। ऐसे में इंटरनेट की समस्या किसानों की मुश्किलें बढा रही हैं। वहीं इंटरनेट के लिए सरकार द्वारा कोई इंतजाम नहीं किया गया है। कर्मचारियेां को अपनी जेब से रूपए खर्च कर इंटरनेट का इस्तेमाल करना पड रहा है। वहीं कर्मचारियेां को यह मशीनें चलाने का अनुभव भी नहीं है। जिसके चलते बडी मुश्किल से किसानों को खाद मिल पा रही है।

सोसायटी पर हालत यह है कि एक-एक मशीनें हर सोसायटी को दे दी गई हैं। जबकि इन पर किसानों की संख्या हजारों में है। अब मुश्किल यह है कि एक मशीन से हजारों किसानों को खाद कैसे मिल पाएगी? इसके लिए किसानों को काफी मशक्कत करनी पड रही है। हालत यह हो गई है कि सुबह से ही सोसायटी पर खाद के लिए किसानों की लबी-लंबी कतारें लग रही हैं और दिन भर इंतजार करने के बाद भी उन्हें शाम तक खाद नहीं मिल पा रही है। खाद के लिए हो रही मारा-मारी से किसानों में काफी नाराजगी है। वहीं इसे लेकर जिम्मेदार अधिकारी भी मौन हैं। वह इस बारे में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। अब नियम सरकार का है तो लागू तो करना ही पडेगा। पर इतना तय है कि इस नियम ने केवल किसानों की मुसीबतें बढाने का ही काम किया है। किसानों ने मांग की है कि हर सोसायटी पर तीन या चार मशीनें लगाई जाएं और यहां पर इंटरनेट की बेहतर व्यवस्था के साथ ही कर्मचारियों को भी टेनिंग दी जाए। ताकि किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध हो सके।

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