फरियादियों की पहुंच नगर पालिका कार्यालय में लटके तालों और खाली कुर्सियों तक

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जालौन (ब्यूरो) प्रदेश सरकार के निर्देशों एवं अधिकारियों को कार्यालय में बैठकर काम करने के मुख्यमंत्री के आदेश का असर नगर में संचालित सरकारी कार्यालयों में नहीं दिख रहा है। सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी सरकार बदलने के बाद भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं। जिससे प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भी नगर का निजाम नहीं बदला है। जिसके चलते नगरवासी परेशान हैं।

नगरवासियों की सफाई, रोशनी समेत तमाम तरह की समस्याओं को सुनने एवं उनके निस्तारण के लिए नगर पालिका कार्यालय संचालित है। जिसके चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर अधिशाषी अधिकारी तक कार्यरत हैं। इसके बाद भी कार्यालय में जनता की सुनने वाला कोई नहीं है। सोमवार को साप्ताहिक बंदी होने के कारण नगरवासी अपनी समस्याओं को लेकर नगरपालिका जाते हैं। परंतु अधिकारी न मिलने के कारण वह परेशान हैं। सोमवार की दोपहर कार्यालय में सफाई निरीक्षक सुरेश यादव, अधिशाषी अधिकारी महेश उपाध्याय, लेखा लिपिक अनिल कुशवाहा के कमरों में ताला लटक रहा था। फरियादी सुरेश कुमार, रामसजीवन प्रजापति, मनीष कुमार परिहार, पवन याज्ञिक नगर पालिका में अपनी शिकायतें लिए खड़े थे। किंतु कार्यालय में अधिकारी न होने के कारण उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। जहां नगर के मुख्य कार्यालय से अधिकारी नादारद थे। वहीं नगर में संचालित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे खुला हुआ था।

कार्यालय में कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. विनोद गौतम, लिपिक राजेश साहू एवं ललित कुमार नदारद थे। कार्यालय में मौजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेश कुमार ने बताया कि ललित बाबू खाना खाने गए हैं। जबकि राजेश बाबू आए नहीं हैं। मुख्यमंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ाने में अधिकारी लगे हुए हैं। जिसके कारण प्रदेश में सरकार बदलने के बाद भी जनता की समस्याओं में कमी नहीं आई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे संचालित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बारे में जब खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया गया तो दोनों अधिकारियों ने घंटी जाने के बाद भी फोन नहीं उठाया, जिससे उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

रिपोर्ट – अनुराग श्रीवास्तव

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