गंगाजल की गुणवत्ता सुधारने में असफल हो रही नमामि गंगे योजना


बलिया ब्यूरो : बांध से विचलित गंगा मुक्ति का मार्ग तलाश रही है और नदी के दर्द से बेखबर सरकार उत्तराखण्ड में गंगाजल का भरपुर दोहन कर रही है। उक्त बातें शनिवार को श्रीरामपुर गंगा घाट पर गंगा के आंचल को साफ-सफाई के पश्चात गंगा मुक्ति एवं प्रदूषण विरोधी अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी रमाशंकर तिवार ने जनजागरण संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कही।

श्री तिवारी ने कहा कि सरकार की ‘नमामि गंगे योजना‘ गंगाजल की गुणवत्ता सुधारने में असफल हो रही है। गोमुख से गंगा सागर तक चले गंगाजल को उत्तराखण्ड में रोक लिया गया है। उन्होंने कहा कि मानव मात्र के कार्यों से आक्रोशित पतित पावनी फिर से ब्रम्हा के कमंडल में लौटे जाने के लिए अपना बोरिया बिस्तर बांधने लगी है। कहा, सत्ता एवं सियासत के प्रकृति विरोधी फैसले से उ0प्र0 के मैदान में गंगा के अस्तित्व पर ही ऐसे अनसुलझे सवाल खडे़ हो गया है, जिनका हल खोजना केन्द्र और राज्य सरकारों को मुश्किल हो रहा है। कहा कि अंध भक्ति से भी गंगा की गरिमा पर चोट पहुंच रही है। इस अवसर पर श्री तिवारी के साथ डा.शक्ति कुमार सिंह, अजय पाल सिंह यादव, बिट्टू सिंह, शिक्षक भरत पाण्डेय, शंकर शर्मा, मदन यादव, छोटू सिंह, अजय वर्मा, धीरज गुप्त, सुनिल कुमार सिंह, दीपक सिंह, रिंकू गिरी, गंगा सागर यादव सहित कई युवाओं ने गंगा का मैला आंचल साफ किया।

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