शिक्षा, स्वास्थ्य व जन सुविधाओं के लिए संघर्ष तेवर में दिखे नारदशिक्षा, स्वास्थ्य व जन सुविधाओं के लिए संघर्ष तेवर में दिखे नारद

बलिया (ब्यूरो)- प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व बसपा नेता नारद राय जनपद में शिक्षा व स्वास्थ्य की दुर्व्यवस्था को लेकर संघर्ष के तेवर में दिखाई दिये। उनका मानना है कि यह सरकार शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधाएं आम जनता को मुहैया कराने के प्रति संकल्पित नहीं है। उन्होंने शिक्षा में सुधार व चिकित्सकीय सुविधाएं सस्ते दर पर आम मानस को उपलब्ध कराने के लिए संकल्प दोहराया।

चंद्रशेखर नगर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंगलवार को पूर्व मंत्री श्री राय ने जिला महिला चिकित्सालय में एनएचएम योजना के अंतर्गत नवनिर्मित 100 बेड वाले मैटरनिटी विंग को पीपीपी मोड पर क्रियाशील करने का विरोध करते हुए कहा कि इस व्यवस्था को कतई हम प्राइवेट सेक्टर में नहीं जाने देंगे। हर कीमत पर हम इसका विरोध करेंगे। क्योंकि यह व्यवस्था लागू हो जाने पर इस अस्पताल की सुविधाएं आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जायेंगी। बताया कि जिला महिला चिकित्सालय बलिया में नवनिर्मित 100 बेड वाले मैटरनिटी वींग को पीपीपी मोड पर क्रियाशील करने के लिए एचएलएल लाइफ केयर पूजा पूरा नोएडा के साथ अनुबंधित किया गया है।

यह निर्माण महिला चिकित्सालय के भवनों, वार्डों एवं स्टोर इत्यादि को तोड़कर उसी भूमि पर किया गया है। श्री राय ने बताया कि इस नई अनुबंधित व्यवस्था में रोगियों का रजिस्ट्रेशन शुल्क 200 रूपये होगा जो आम आदमी के पहुंच से बाहर है। अन्य सुविधाएं भी सशुल्क ही होगी। उन्होंने इसका विरोध करते हुए मुख्यमंत्री का दरवाजा भी खटखटाने के लिए लखनऊ जाने की बात कहीं। श्री राय ने कहा कि बलिया जनपद के गंगा पार के गांव को जिला मुख्यालय आने जाने के लिए तथा यूपी-बिहार को जोड़ने के लिए श्रीरामपुर घाट पर बन रहे पक्कापुल का हर हालत में पुरा कर संचालित कराने के लिए वे संघर्ष करते रहेंगे। कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की देन है कि चिकित्सालय में रोगियों का पंजीकरण मात्र 1 रूपये में किया जाता है तथा श्रीरामपुर घाट पर बन रहे पक्कापुल के लिए सम्पूर्ण धनराशि निवर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के द्वारा अवमुक्त कर दी गयी है। उन्होंने आशा व्यक्त किया है कि यह पुल अगले वर्ष तैयार हो जायेगा तथा गंगा पार के लोगों के लिए खोल दिया जायेगा जो उनके लिए वरदान साबित होगा।

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