बिरवट कोन्हवलिया को लील रही नारायणी

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कुशीनगर(ब्यूरो)- मानसून आने में अभी दस दिन और शेष है, एपी बांध के किमी 8.200 से किमी 9.00 बीरवट कोन्हवलिया से बाकखास पर नारायणी की नजर टेढ़ी हो गई है। बांध से नदी सट कर बह रही है।

एक सप्ताह के भीतर करीब 200 मीटर स्लोप काट चुकी नदी का रुख अब पिच सड़क की तरफ है। यदि यहां बांध कटा तो दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होगी। ग्रामीणों के मुताबिक बचाव कार्य शून्य है।

एपी बांध के किमी 8.200 के सामने उक्त गांव बसा है। बांध के किमी 8.600 से 9.00 के मध्य नदी खतरनाक रूप से कटान कर रही है। यहां तक की अब नदी की धारा और बांध के बीच महज 5 मीटर की दूरी शेष रह गई है। बांध को नदी से बचाने के लिए किमी 8.200, 8.300 और 8.600 पर बने स्पर भी कटान के जद में है और अपनी आधी से अधिक लंबाई खो चुके है।

यहां यदि बांध को नुकसान पहुंचता है तो नदी की धारा परिवर्तित हो जाएगी। 200 मीटर की लंबाई में स्लोप नदी की धारा में विलीन हो चुका है और सड़क खतरे के रडार पर है। बचाव कार्य शुरू न होने से ग्रामीण सकते में है और भय के साए में जिंदगी गुजार रहे है।

बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि शासन से धन आवंटन न हो पाने के चलते बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है। कहा कि धन आते ही बचाव कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

रिपोर्ट-राहुल पाण्डेय

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