नरेंद्र मोदी पहाड़ जैसे हैं जिनको हिलाने के लिए विरोधी पार्टियां एक हो रही हैं:- अमर सिंह


वाराणसी (ब्यूरो) – जौनपुर में आयोजित सर्वोदय समारोह में हिस्सा लेने के लिए बुधवार को राज्यसभा सांसद अमर सिंह वाराणसी के एलबीएस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से जौनपुर के लिए प्रस्थान किए। जौनपुर जाने से पहले उन्होंने एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए मनमोहन सिंह, अखिलेश यादव और आज़म खान पर जमकर निशाना साधा। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में तो राम मंदिर पहले से ही बनी है उसे बस भव्य रूप दिया जाना है। उन्होने यह भी कहा की मैंने सेवाकार्य के लिए पिता की स्मृति में ये ज़मीन संघ को समर्पित की है। महा गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पहाड़ जैसे हैं जिनको हिलाने के लिए विरोधी पार्टियां एक हो रही हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह द्वारा दिया गए बयान पर अमर सिंह ने कहा की डॉ मनमोहन सिंह हमारे बहुत ही नज़दीकी मित्र हैं, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री को मौन रहने की आदत है। चाहे उनके कार्यकाल में उनका जितना दमन हुआ हो, शमन हुआ हो। संजय बारू को उनकी इच्छा के विरुद्ध निकाल दिया गया हो, टी के नायर की जगह पुलक चटर्जी को बैठा दिया गया हो। इन सभी गतिविधियों का उन्होंने कभी विरोध नहीं किया। वो धरती की तरह हैं, वो सहते रहे हैं, लोग उन्हें रौंदते कुचलते रहे हैं, लेकिन हर किसी का एक जैसा स्‍वभाव नहीं होता।

उन्होंने आगे कहा, कुछ लोगों का चरित्र होता है कि वो जल्‍दी किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन उनको जब कोई छेड़ता है तो वो उसे छोड़ते भी नहीं हैं। इसका छोटा रूप मै हूँ और बड़ा रूप प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी हैं। ऋषियों में कई सहनशील भी हुए और कई दुर्वासा जैसे भी हुए। हर आदमी का अपना चरित्र होता है, जो अभिमानी व्यक्ति होगा वो अपनी मां के बारे में क्यों सुनेगा। मैं तो कहता हूं की चाहे वो सोनिया गांधी हों, राहुल गांधी हों या देश का कोई भी व्यक्ति, वो अपनी मां के बारे में टीका-टिप्‍पणी क्‍यों सुनेगा। मुलायम सिंह की पार्टी जहां दुर्भाग्य से मैं बहुत दिन तक रहा। दशकों तक आज़म खां मुझे गाली देते रहे, मैंने उन्हें कभी कुछ नहीं बोला। कभी सुना आपने कि मैंने आज़म खां के विरुद्ध बोला हो। लेकिन, जब आज़म खां ने जब हमारी बच्चियों को तेज़ाब से नहलाने की बात कही, हमारे परिवार की महिलाओं को काटने की बता कही तब विष्णु का मंदिर बनाने वाले हमारे तथाकथित भतीजे अखिलेश के मुँह में फेविकोल क्यों लग गया और मुलायम सिंह चुप क्यों रहे। जगह-जगह बोलते रहे हमारे भाई हैं। अमर सिंह को छुओ मत, हमारे परिवार का झगड़ा है। ये सब जो लोग हैं, इनकी कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। अगर आप जान लेने के लिए तैयार हो, तो जान देने के लिए भी तैयार रहो। आप गाली दोगे तो भी सुनोगे ।

वहीं आज़म खां के बयान पर उन्होंने कहा कि वो भारतवर्ष में रहकर भारत माता को डायन कहते थे। उनका पलायन तो बहुत पहले हो चुका है। भारत के संविधान की शपथ लेकर वो मंत्री तो बन गए पर उसी भारत मां को उन्होंने डायन कहा। मुलायम सिंह का जन्मदिवस मनाकर कहा कि खर्चा दाऊद इब्राहिम और अबू सलेम ने भेजा है। चुने हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकवादी कहा। महात्मा योगी आदित्यनाथ को जो कि ब्रह्मचर्य का पालन कर रहे हैं, उन्हें भी अपशब्द कहे तो जिस व्यक्ति का आचार, विचार और व्यवहार घटिया और ओछा हो उसके बारे में मै क्या बोलूं।

महागठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि महागठबंधन नहीं महाहठबंधन है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन होता किसी पूजा के लिये, यज्ञ होता है तो वहां गठबंधन किया जाता है। कहीं का ईंट कहीं का रोड़ा भानुमति ने कुनबा जोड़ा। मोदी को हराने के लिये उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम एक कर लें, ये कोई निति-कोई सिद्धांत हैं। उन्होंने नरेन्‍द्र मोदी को पहाड़ बताया जिसे हिलाने के लिये पूरे देश के विरोधी दल मिलना चाह रहे हैं। कागज़ की किश्ती, जिसका कागज़ ही गल गया हो, जिसका खाली कंकाल रह गया हो, उस समाजवादी पार्टी से कांग्रेस क्यों समझौता करेगी। दो चार सीट लेकर के बबुआ बुआ की गोद में बैठना चाहें तो बैठ जाएं। 65 से 70 सीटें बुआ को चाहिए, बबुआ अंगूठा चूसेंगे। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में देख लिया कि कांग्रेस का लाभ अखिलेश ले गए पर उसे अखिलेश का लाभ नहीं हुआ और वो 7 सीटों पर सिमट गयी, तो दुबारा ये गलती कैसे दोहराएगी।

विश्व हिन्दू परिषद् को जमीन देने के मामले पर उन्होंने कहा कि ‘संघ को दान देना एक गंदा शब्द है, संघ इतना बड़ा संगठन है उसे दान की क्‍या आवश्‍यक्‍ता। मैंने सेवाकार्य के लिए पिता की स्मृति में ये ज़मीन संघ को समर्पित की है, मैंने दान नहीं दिया है। विपक्ष के आरोप की संघ के जरिये अमर सिंह भाजपा में इंट्री चाहते हैं पर उन्‍होंने कहा कि मैं ऐसे लोगों की बात का जवाब देना उचित नहीं समझता। वहीं राममंदिर मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को ये समझ लेना चाहिये कि अयोध्‍या में राममंदिर पहले से ही मौजूद है। वहां रामलाल की मूर्ती भी है और पूजा भी हो रहा है। विपक्ष को नहीं दिखता है क्या। इस वक्‍त वहां सिर्फ मंदिर की भव्यता को लेकर बात हो रही है।

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