बस्तर की बर्बादी के लिए दोनों राष्ट्रीय दल जिम्मेदार : अमित जोगी

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amit jogi

छत्तीसगढ़ रायपुर/जगदलपुर: छः दिवसीय बस्तर दौरे पर गए मरवाही विधायक अमित जोगी ने आज जगदलपुर में एक प्रेसवार्ता कर बस्तर की बर्बादी के लिए दोनों राष्ट्रीय दलों को जिम्मेदार ठहराया। कल्लूरी मुद्दे पर मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए अमित जोगी ने कहा कि केवल एक अधिकारी को हटाकर, मुख्यमंत्री अपने गुनाहों को नहीं धो सकते। जहाँ नक्सलवाद ने मासूम बस्तरवासियों को हथियार से मारा वहीँ मुख्यमंत्री के सरकारी आतंकवाद ने उन्हें अत्याचार से मारा। बस्तर की हरी धरती को लाल खून और काले भ्रष्टाचार से रंग दिया गया है । जोगी ने कहा कि मुख्यमंत्री बस्तर में फैले सरकारी आतंकवाद के वो सरगना हैं जिनके कपडे तो साफ़ हैं लेकिन हाथ खून से रंगे हैं। एक अधिकारी को छुट्टी पर भेजकर या पीएचक्यू में अटैच करने से बस्तर को न्याय नहीं मिलेगा। बस्तर के हालात के असली दोषी तो मुख्यमंत्री स्वयं हैं। जो सरकार, एनएचआरसी की रिपोर्ट के अनुसार मासूम नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषियों पर कार्यवाही न करे। जो सरकार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर सीबीआई की जांच टीम को सुरक्षा न प्रदान कर पाए, जो सरकार निर्दोष ग्रामीणों का फर्जी एनकाउंटर करने वालों पर कार्यवाही न करे, जो सरकार बस्तरवासियों के घर जलाने वालों पर कार्यवाही न करे, ऐसी सरकार का मुखिया, बस्तर के लिए मुख्यमंत्री नहीं बल्कि गब्बर है, गब्बर।

बस्तर को कल्लूरीमय बनाने में जोगी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ये दावे के साथ कहती है कि छत्तीसगढ़ की जनता की आँखों में धुल झोंककर, अपना गला बचाने मुख्यमंत्री ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की मदद से एक राजनितिक साजिश के तहत बस्तर के बिगड़े हालात को केवल एक अधिकारी पर केंद्रित किया और अब उस पर दिखावे की कार्यवाही कर जनता के बीच यह सन्देश देने का प्रयास किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने बड़ा तीर मार दिया। जबकि सच्चाई यह है कि कल्लूरी केवल सांबा हैं, असली सरदार यानि गब्बर तो रमन हैं ।

वहीं प्रदेश कांग्रेस की जनवेदना पदयात्रा के विषय में जोगी ने कहा कि नगरनार पर कांग्रेस की पदयात्रा केवल एक ढोंग है। बड़ा खुलासा करते हुए जोगी ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण की नींव स्वयं कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने रखी थी। जो आज पदयात्रा निकाल रहे हैं वो 2013 में बस्तरवासियों के विशवास का सौदा करने चले थे। कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने नगरनार इस्पात संयंत्र की 49% हिस्सेदारी निजी हाथों में बेचने और उसके निजीकरण का सौदा ग्लोबल टेंडर बुलाकर 8 हज़ार करोड़ में तय किया था। टेंडर की आखरी तारीख 12 अप्रैल2013 थी। वो तो बस्तरवासियों पर माँ दंतेश्वरी की कृपा थी कि टेंडर प्रक्रिया में विलंब हुआ और केंद्र की सत्ता छुट गयी, नहीं तो अब तक तो कांग्रेस ने नगरनार का निजीकरण कर दिया होता। कल खुद नगरनार को बेचने वाले, बस्तरवासियों का सौदा करने वाले, आज उसके निजीकरण के विरोध में पदयात्रा करें तो सौ चूहे खा कर बिल्ली हज को चली वाली कहावत चरितार्थ होती है।

 

उन्होंने कहा चाहे पोलावरम हो, इंद्रावती या नगरनार, दिल्ली के दोनों राष्ट्रीय दल तमाम बस्तर विरोधी मुद्दों पर एकमत और एक साथ हैं। ये अपने फायदे के लिए बस्तरवासियों के भविष्य का सौदा करने पर तुले हैं । जोगी ने कांग्रेस को हिदायत दी कि पदयात्रा से कुछ नहीं होगा कुछ करना ही है तो कांग्रेसी पहले अपने गुनाह के लिए प्रायश्चित करें ।

जोगी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, पूरे देश में एक जूनियर आर्टिस्ट का सपोर्टिंग रोल निभाने मजबूर है, छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस का हश्र और भी दयनीय है। न मुद्दों में धार है और न जनाधार है, केवल हथियार हैं जो कांग्रेस भवन के अंदर आजकल खूब चल रहे हैं । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के सुप्रीमो माननीय जोगी जी के ऐतिहासिक बस्तर दौरे के तुरंत बाद कांग्रेस की पदयात्रा, उसकी घबराहट और कमजोर स्थिति को स्वतः ही उजागर करती है।

नेता प्रतिपक्ष श्री टीएस सिंघदेव द्वारा सरकारी प्लेन से जगदलपुर आकर बस्तर पदयात्रा में शामिल होने पर कटाक्ष करते हुए जोगी ने कहा कि वो तो पहले से कह रहे हैं कि कांग्रेस के सभी आंदोलन मुख्यमंत्री द्वारा प्रायोजित हैं। मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष को अगस्ता की सवारी इसलिए देते हैं क्यंकि नेता प्रतिपक्ष ने लोकलेखा समिति के अध्यक्ष होने के नाते मुख्यमंत्री को अगस्ता घोटाले में क्लीन चिट दी थी।

अग्नि संस्था के बंद होने पर जोगी ने कहा कि अग्नि” सलवा जुडूम का पार्ट-2 है । वही सलवा जुडूम जिसे कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने बस्तर में संगठित रूप से चलाकर बस्तर को बर्बाद किया है । सलवा जुडूम का समर्थन करने वाले कभी बस्तर हितैषी नहीं हो सकते उल्टा बस्तर की जो वर्तमान स्थिति है उसके लिए सलवा जुडूम का समर्थन करने वाले दोनों राष्ट्रीय दल जिम्मेदार है। “अग्नि” और “सलवाजुडूम” एक ही कंपनी के एक जैसे यातनादायक उत्पाद हैं, केवल पैकेजिंग और नाम अलग है।

रिपोर्ट–हरदीप छाबडा

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