NSG सदस्यता को लेकर वियना बैठक रही असफल, अब सियोल बैठक पर नज़र |

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The Prime Minister, Shri Narendra Modi at the G20 Summit working session, in Turkey on November 15, 2015.

NSG की सदस्यता को लेकर भारत के आवेदन पर वियना में हुई 42 सदस्य देशों की दो दिवसीय बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका | अब भारत की सारी उम्मीदें दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में होने वाले NSG पूर्ण अधिवेशन पर टिकी हुई हैं |

अमेरिकी समर्थन के चलते ज्यादातर सदस्य देशों ने भारत को समर्थन दिया था पर चीन भारत के विरोध में खड़ा रहा इसके अलावां तुर्की, न्यूज़ीलैंड. आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रिया चीन के साथ मिलकर भारत का विरोध कर रहे थे |

चीन हमेशा से NSG में भारत की सदस्यता का विरोध करता रहा है, वियना ने चीन ने यह कहकर भारत का विरोध किया कि सिर्फ परमाणु अप्रसार संधि पर द्स्तख्स्त करने वाले देशों को ही NSG की सदस्यता मिलनी चाहिए, यदि कोई रियायत देकर भारत को सदस्यता दी जाती है तो पाकिस्तान को भी इस संगठन में शामिल किया जाए |

वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने एक पत्र लिखकर एनएसजी के सदस्य देशों से अपील की है कि इस महीने के अंत में जब सियोल में एनएसजी की बैठक हो तो उन्हें ‘ भारत को शामिल करने पर आम राय कायम करने में बाधा न डालने पर सहमत होना चाहिए।’

गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है।

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