NDRF ने बचाई एक और जिंदगी, लोगों ने कहा देवदूत

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वाराणसी (ब्यूरो)- माननीय प्रधानमंत्री के सतत प्रयास से एनडीआरएफ़ की स्थापना 2015 मे वाराणसी मे हुई थी| आपदा के दौरान समय रहते बचाव और आपदा मे सदैव अनमोल जीवन का बचाव हो सके, यह हमारा कार्य मंत्र है | माननीय प्रधानमंत्री जी की आपदा रहित वाराणसी की कल्पना अब साकार होते दिखाई दे रही है | हमारे रेस्कुएर 2016 की बाढ़ मे, कानपुर रेल दुर्घटना मे तथा विभिन्न अवसरों मे मूल्यवान मानव जीवन को बचाकर अपना योगदान कर रहे हैं |

इसी क्रम मे आज दिनांक 16.05.2017 को सुबह 06:30 बजे राहुल कुमार पुत्र श्री रमविलास सिंह, उम्र- 25 वर्ष निवासी ग्राम-निरशा, जनपद- धनबाद, झारखंड अपने पिता के साथ वाराणसी गंगा स्नान के लिए आया तथा राजेंद्र प्रसाद घाट पर सुबह स्नान करते समय एका-एक गहरे पानी मे चले जाने के कारण डूबने लगा तथा मदद के लिए पुकारने लगा तभी वहा ड्यूटी पर तैनात एनडीआरएफ़ के रेस्कुएरो की नजर उस पर पड़ी, तुरंत बिना समय गवाएं मुख्य आरक्षी जीवन सिंह द्वारा LIFEBOUY की मदद से टो-हैड रेस्क्यू तकनीक का इस्तेमाल करके बैक स्ट्रोक स्वीम्मिंग करते हुए पीड़ित को किनारे पर लाया गया |

युवक बहुत घबराया हुआ था और घबराहट के कारण उसने काफी पानी पी लिया था, रेस्कूर्स द्वारा उसके पेट से पानी निकाला गाया व अन्य आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया गया । जब उक्त लड़के की स्थिति में सुधार हुआ तो उसके परिवार वाले भी वहा पहुँच गए |
वहां उपस्थित बनारस वासी तथा संबन्धित परिवार आपस मे यह चर्चा करने लगे की हमारे प्रधानमंत्री जी ने वाराणसी मे एनडीआरएफ़ रूपी देवदूत भेज दिये है | NDRF की एक टीम दशाश्वमेध घाट पर आपातकालीन आपदा बचाव हेतु हमेशा तैनात रहती है। इससे पहले भी एनडीआरएफ़ की टीम द्वारा वाराणसी मे इस तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन करके अनमोल जिंदगियों को बचाया गया है |

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