नीरज हत्याकांड में पंकज और संतोष की गिरफ्तारी से हो सकता है कुछ बड़े नामों का खुलासा

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धनबाद (ब्यूरो)- पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या में ब्रेटा पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। शूटर शिबू सिंह उर्फ सागर और शूटर अमन सिंह ब्रेटा पिस्टल से गोलियां बरसा रहे थे। हत्या में प्रयुक्त अन्य दोनों पिस्टल भी विदेशी (यूएस मेड) थे। यह खुलासा पुलिस के समक्ष शूटर रोहित सिंह उर्फ चंदन ने किया है। नौ जुलाई को वाराणसी एसटीएफ ने कैंट थाना क्षेत्र से चंदन सिंह को किया था गिरफ्तार। सरायढेला पुलिस ने रविवार को शूटर चंदन सिंह उर्फ रोहित को कोर्ट में पेशी के बाद धनबाद जेल भेज दिया है।

जौनपुर जेल में बंद चंदन को नीरज हत्याकांड में प्रोडक्शन वारंट पर धनबाद लाया गया है। चंदन ने पुलिस को बताया कि हत्या के दिन दोपहर में शिबू सिंह और पंकज सिंह कुसुम विहार स्थित किराए के मकान में पिस्टल और मैगजीन लेकर आए थे। पंकज ने बारी-बारी से शिबू, अमन, कुर्बान और उसे पिस्टल दिए थे। पंकज ने ही ब्रेटा पिस्टल के बारे में बताया था। मैगजीन में पहले से गोलियां भरी हुई थीं।

पंकज ने पिस्टल में मैगजीन भरने और चलाने का तरीका भी सिखाया था। वे लोग कुसुम विहार से पिस्टल में एक-एक मैगजीन भर कर निकले थे। तो रघुकुल में घुस कर मारने की थी योजना, चंदन ने बताया कि पंकज ने साफ हिदायत दी थी कि आज (21 मार्च को) हर हाल में काम करना है। यदि झरिया से घटना स्थल (स्टील गेट) तक काम नहीं होता तो नीरज सिंह के घर (रघुकुल) में किसी भी बहाने से घुस कर हत्या करने का दबाव था। पंकज ने सभी शूटरों को पूरा मैगजीन खाली करने का आदेश दिया था। शूटरों के लिए खाना बनाता था डबलू चंदन ने पुलिस को बताया कि मुन्ना (डबलू मिश्रा) कुसुम विहार वाले घर में सबके लिए खाना बनाता था।

हत्या के एक दिन पहले वह बिना बताए भाग गया। रात में उससे संपर्क करने का प्रयास हुआ लेकिन बात नहीं हो पाई। इसके बाद उसने खुद कुर्बान और शिबू के साथ मिलकर खाना बनाया। डबलू ने भी पुलिस को बताया था कि जब उसे पता चला कि 21 मार्च को हत्या होगी तो वह 20 मार्च को बिना किसी को सूचना दिए समस्तीपुर चला गया था। पिस्टल पर शूटरों का अलग-अलग बयान पंकज सिंह के मोबाइल टावर लोकेशन से यह बात पहले ही स्पष्ट हो चुकी है कि हत्या के दिन पंकज आसनसोल नहीं गया था। जबकि अमन सिंह ने पुलिस को बताया था कि सभी शूटरों ने आसनसोल में पंकज सिंह को पिस्टल दिया था। वहीं शिबू और कुर्बान ने बताया था कि कोलकाता में पंकज के रिश्तेदार के घर दोनों ने पंकज को पिस्टल दिए। अब अमन के साथ भागने का दावा करने वाले चंदन ने पुलिस को बताया कि हत्या के पांच दिन बाद 26 मार्च को बनारस में उसने पंकज को पिस्टल दिया था।

पुलिस को यह बात नहीं पच रही है कि हत्या के बाद शूटर पिस्टल अपने साथ ले गए होंगे। पुलिस अभी भी मान रही है कि गोविंदपुर के आसपास ही शूटरों से किसी ने पिस्टल ले लिए थे। पंकज और संतोष पर मंडरा रहा खतरा नीरज हत्याकांड में किंगपिन माने जा रहे सुल्तानपुर लंभुआ के पंकज सिंह और संजीव सिंह के बॉडीगार्ड संतोष सिंह उर्फ नामवर पर लगातार खतरा बढ़ते जा रहा है। एक तरफ धनबाद पुलिस दोनों को खोजने में जुटी है। वहीं यूपी एसटीएफ की नजर भी दोनों पर है। पुलिस मान रही है कि नीरज सिंह की हत्या के तार उत्तर प्रदेश के बाहुबलियों से भी जुड़े हो सकते हैं। दोनों की गिरफ्तारी से हत्या में शामिल कुछ बड़े नाम का भी खुलासा हो सकता है। ऐसे में साक्ष्य मिटाने के लिए साजिशकर्ता पंकज और संतोष को रास्ते से हटा सकते हैं।

रिपोर्ट- गणेश रावत

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