संभावनाओं के बाद उपेक्षित है ऐतिहासिक मंढीप खोल गुफा

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पैलीमेटा(छत्तीसगढ़ राज्य ब्यूरो)- क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक और पुरात्वाविक महत्ववाली मंढीप खोल गुफा और उसके आसपास क्षेत्र में पर्यटन विकास की काफी संभावना है, किन्तु प्रशासनिक उदासीनता के चलते सुविधाओ और समस्याओ से जूझ रहा है ।

उल्लेखनीय है कि प्रसिद्ध मंढीप खोल गुफा साल में सिर्फ एक बार अक्षय तृतीय के बाद आने वाले पहले सोमवार को
खुलती है । इस साल यह आगामी 1 मई को खुलेगी । इस मौके पर यहां मेला का आयोजन भी होगा । गुफा के अंदर विहंगम दृश्य को देखने और वहां स्थित शिव लिंग की पूजा करने छत्तीसगढ के अलावा पडोसी राज्य मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र अन्य प्रान्त के लोग भी बडी संख्या में पहुंचते है । ठाकुरटोला जमीदारी के अधीन आने वाली गुफा तक पहुंचने के लिए एक ही नदी को अलग अलग स्थानो पर 16 बार पार करना पडता है| गुफा के खुलने के पहले पूजा कर फायरिंग की जाती है ताकि अंदर छुपे जंगली जानवर भाग जाएं| गुफा के अंदर नीव अंधेरा रहता है| जिससे लोगों को टार्च या मशाल लेकर जाना पडता है ।

कोई नही जान पाया गुफा की लम्बाई ,गहराई- यह गुफा कहा से शुरू होकर कहा खत्म हुई है इसे जानने
का अब तक काफी प्रयास किया जा चुका है , किन्तु कोई भी इसकी किसी भी छोर को पकड नही पाया है ।
यहां एक गुप्त गंगा भी है| जिसका पानी अविरल बहते रहता है| लोगो का ऐसा मानना है कि इस पानी में स्नान करने से चर्म रोग तो दूर होते है और खेत में छिडकाव कर दिया जाएगा तो वहा से भी कीटाणु और रोग दूर चले जाते है ।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर विकास के लिए तरस रहा है- गुफा के चारो तरफ घने वृक्षो वाले जंगल है| जो लोगो को बरबस ही अपनी ही ओर आकर्षित करते है| यहां भी अन्य क्षेत्रों की तरह सुविधाओ का विकास कर दिया जाये तो यह क्षेत्र भी पर्यटन का केन्द्र बन सकता है| ठाकुरटोला के राधामोहन वैष्णो और संजय मसीह ने बताया कि सुविधाओ के नहीं होने से यह क्षेत्र काफी पिछड गया है| यहां तक पहुचने के लिए अच्छी सडक तक नही है| उनका कहना है कि जिस प्रकार प्रशासन द्वारा डोगरगढ में मां बम्लेश्वरी , नवरात्र मेले के समय प्रबंध किया जाता है| उसी प्रकार से यँहा भी हो जिससे यहा विकास हो| यहाँ जल की व्यवस्था किया जाये गर्मियों के दिनो नदी नाले सूख गये है| अगर मंढीप खोल गुफा बस्तर क्षेत्र में होता तो कब का पर्यटन केन्द्र बन गया होता| किन्तु दुर्भाग्य यह है कि राजनांदगांव जिले के अंतिम छोर में 95 कि.मी.दूरी पर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र ठाकुरटोला जमीदारी के बीहड जंगल में मंढीप खोल गुफा स्थित है| प्रदेश के मुख्यमंत्री डां रमन सिह का विधान सभा जिला राजनांदगांव है यह सांसद का सत्ता होने के बाद भी मंढीप खोल गुफा का अस्तिव बीहड जंगल में लुप्त हो रहा है|

यहाँ बारिश के चार महीने नदी नाले उफान पर रहता है, यहा समीप आने वाले आधा दर्जन गांव का ब्लाक मुख्यालय से संम्पर्क टुट जाता है आज भी यह क्षेत्र काफी पिछडा हुआ है| अभी यह विकाश होने में काफी पिछडे हुये है| यह ग्राम डंडूटोला और आसपास गांव के लोग 8 से 10कि.मी. नदी पार कर विधान सभा चुनाव की वोट डालने जाते है|

रिपोर्ट- हितेश मानिकपुरी पैलीमेटा एवं हरदीप छाबड़ा

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