भारत को नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राष्‍ट्रीय प्रयोगशाला नीति की जरूरत

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केंद्रीय कोयला, विद्युत और नवी एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल ने कहा है कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के परीक्षण, मानकीकरण और प्रमाणन के लिए राष्‍ट्रीय प्रयोगशाला नीति की आवश्‍यकता है। ऐसा नीतिगत दस्‍तावेज, धनराशि की आवश्‍यकता सहित उपकरण और बुनियादी ढांचे की जरूरत की पहचान करते हुए स्‍पष्‍ट कार्ययोजना लायेगा। नवीकरणीय ऊर्जा विकास कार्यक्रम के लिए परीक्षण, मानकीकरण, प्रमाणन और निरीक्षण हेतु प्रयोगशाला अवसंरचना पर यहां राष्‍ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए श्री गोयल ने कहा कि देश में नवीकरणीय ऊर्जा की वृद्धि के लिए स्‍वदेशी प्रौद्योगिकी विकास और मानकीकरण अनिवार्य है। नवीकरणीय ऊर्जा को प्रभावपूर्ण ढंग से प्रोत्‍साहन देने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों की गुणवत्‍ता और विश्‍वसनीयता सुनिश्चित करने पर ज्‍यादा ध्‍यान दिये जाने की आवश्‍यकता है। श्री गोयल ने इन प्रौद्योगिकियों/प्रणालियों के विनिर्माण में निरंतरता और विश्‍वसनीयता पर भरोसा कायम रखने पर जोर दिया, ताकि स्‍थापित प्रणालियों का उचित कामकाज सुनिश्चित किया जा सके।

श्री गोयल ने कहा कि बॉयोगैस को सुनियोजित उद्योग बनाने के लिए इस दिशा में ज्‍यादा ध्‍यान दिये जाने की जरूरत है। स्‍वच्‍छ ढंग से खाना पकाने के समाधानों के लिए परिष्‍कृत बॉयोमास कुक स्‍टोव्‍स के इस्‍तेमाल को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, इस प्रकार ईंधन की बचत तो होगी ही साथ ही ग्रामीण महिलाओं और बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े जोखिमों की चिंताएं भी मिटाई जा सकेंगी। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि उचित मानकीकरण से वित्‍तीय विकल्‍पों के अविनियोजन में सुगमता होगी। उन्‍होंने कहा कि हमें उत्‍पादों की गुणवत्‍ता बरकरार रखने के लिए उचित परीक्षण करने के वास्‍ते परीक्षण सुविधाओं को मजबूत बनाने की जरूरत है। इतना ही नहीं प्रशिक्षण, स्‍थापित प्रणालियों की गुणवत्‍ता जांचने के लिए उचित निगरानी की जरूरत है ताकि नवीकरणीय ऊर्जा का कारगर उपयोग सुनिश्चित हो सके। श्री गोयल ने आशा व्‍यक्‍त की कि यह कार्यशाला गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों के उचित परीक्षण से संबंधित टेस्‍ट प्रोटोकाल्‍स को सरल बनाने और परीक्षण प्रयोगशालाओं को सशक्‍त बनाने से जुड़ी खामियों को दूर करेगी।

सचिव, एमएनआरई, श्री उपेन्‍द्र त्रिपाठी ने विश्‍वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए मानक प्रक्रियाओं का अनुकरण करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों के उचित परीक्षण की जरूरत पर बल दिया, ताकि वे लगाये जाने पर उचित ढंग से कार्य कर सकें।

इस कार्यशाला का आयोजन एमएनआरई के महत्‍वकांक्षी कार्यक्रम- 175 जी डब्‍ल्‍यू नवीकरणीय ऊर्जा विकास कार्यक्रम के मद्देनजर किया गया था। इस एकदिवसीय राष्‍ट्रीय कार्यशाला का उद्देश्‍य परीक्षण और प्रमाणन के प्रभावी कार्यान्‍वयन, प्रणालियों/उत्‍पादों/संघ्‍टकों की गुणवत्‍ता और विश्‍वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए खामियों की पहचान करने, प्रौद्योगिकी संबंधी उन्‍नति और स्‍थानीय जरूरतों को ध्‍यान में रखने के लिए अपनाये जा रहे मानकों और प्रक्रियाओं पर चर्चा करना था। इस कार्यशाला में सौर, पवन आदि में प्रशिक्षण और प्रमाणन के साथ जड़ी परीक्षण प्रयोगशालाओं के विशेषज्ञों और एसएनएके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। (source -PIB)

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