एनएचएआई ने अधिक लदान पर सख्‍त कदम उठाया |

0
318

truck-overloadingराष्‍ट्रीय भारत राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) राजमार्गों पर अधिक लदान के साथ चलने वाले वाहनों को ऐसा करने से रोकने के लिए एक बडे कदम के रूप में उन्‍हें तब तक सडक से हटाने के लिए बाध्‍य करने का फैसला किया है जब तक वे ट्रांसपोर्टरों के खर्च एवं जोखिम पर अतिरिक्‍त बोझ को नहीं हटाते।

ऐसा टॉल प्‍लाजा पर वर्तमान में ओवरलोडिंग वाले वाहनों पर लगाए जाने वाले शुल्‍क के अतिरिक्‍त देय शुल्‍क के 10 गुने अधिक आर्थिक दंड के रूप में होगा। अभी तक एनएचएआई के टॉल ठेकेदार/ रियायत ग्राही टॉल प्‍लाजा पर स्‍थान की कमी एवं अन्‍य व्‍यवहारिक दिक्‍कतों का हवाला देते हुए ट्रकों से अतिरिक्‍त माल नहीं हटाते रहे हैं और उनसे ओवरलोडिंग के लिए केवल 10 गुना अधिक आर्थिक दंड ही वसूला जाता रहा है।

एनएचएआई द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, अब से ओवरलोडिंग वाले वाहनों को टॉल प्‍लाजा से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी, साथ ही उन्‍हें वहां से हटा दिया जाएगा तथा मालिकों/ चालकों के खर्च एवं जोखिम पर मनोनीत स्‍थान पर पार्क कर दिया जाएगा। वाहन को तभी छोडा जाएगा जब मालिक/ चालक देय शुल्‍क के 10 गुने के समतुल्‍य आर्थिक दंड अदा करेंगे, अतिरिक्त वजन को हटाएंगे तथा अनुशंसित दरों पर वाहन को हटाने तथा उन्हें पार्क करने के लिए एनएचएआई को शुल्क अदा करेंगे। अगर वाहन के लिए सात दिनों तक कोई दावा नहीं किया जाता तो इसे संबंधित पुलिस थाने के सुपुर्द कर दिया जाएगा।

एनएचएआई ने अपने सभी टॉल प्लाजा ठेकेदारों एवं रियायत ग्राहियों को दिशा-निर्देशों का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। एनएचएआई ने समाचार पत्र विज्ञापनों एवं सभी टॉल प्लाजाओं पर अंग्रेजी/ हिंदी / क्षेत्रीय भाषाओं में साइनबोर्ड के जरिये इन दिशा-निर्देशों को व्यापक रूप से प्रचारित किये जाने का भी निर्देश दिया है।

ये नवीनतम कदम राष्ट्रीय राजमार्गों पर अधिक लदान वाले वाहनों का संचालन कम करने में कारगर साबित होंगे। ये कदम माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अधिक लदान वाले वाहनों पर लगाए गये प्रतिबंध का अतिरिक्त अनुपालन भी सुनिश्चित करेंगे।

इस कदम से अधिक लदान वाले वाहनों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आएगी क्योंकि भीषण सड़क दुर्घटनाओं में इन वाहनों की बड़ी भूमिका होती है। ये कदम राष्ट्रीय राजमार्ग को समय से पूर्व होने वाले नुकसान को भी रोकेंगे तथा अधिक लदान वाले माल वाहकों से उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here