निःशुल्क प्याऊ अव्यवस्था की भेंट चढ़ी

0
124
प्रतीकात्मक फोटो

जालौन (ब्यूरो)- भीषण गर्मी में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा खेली गई सार्वजनिक निःशुल्क प्याऊ अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई है। जिसके कारण रुपये खर्च होने के बाद भी इसका लाभ राहगीरों को नहीं मिल पा रहा है। लोग गर्मी में प्यास बुझाने के लिए परेशान हैं।

नगर में सार्वजनिक स्थलों पर पीने के पानी के लिए बनी टंकी या तो खराब हो गई हैं अथवा उन पर दबंगों का कब्जा हो गया है। नगर के मुख्य देवनगर चैराहे पर बनी पानी की टंकी का नामोनिशान गायब हो गया है। सब्जी मंडी पर बनी पानी की टंकी को लेकर विवाद भी हुआ था। इसके बाद टंकी को दोबारा बनवाया गया किंतु वर्षो बाद भी उसमें पानी का कनेक्शन नहीं हो पाया है। उक्त टंकी के आसपास सब्जी विक्रेताओं ने कब्जा जमा लिया है। पुरानी नझाई में बनी टंकी भी खराब पड़ी है। कमोवेश यही हाल बस स्टैंड, बड़ी माता मंदिर व कोंच चैराहे पर बनी पानी की टंकियों का है। नगर की अधिकांश सार्वजनिक पानी की टंकियां या तो मिट गई हैं या फिर उन पर दबंगों ने कब्जा कर उनका स्वरूप बदल दिया है। जिससे आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इतना ही नहीं नगर पालिका ने इस भीषण गर्मी के मौसम में निःशुल्क शीतल पेयजल के लिए प्याऊ खोलने के नाम पर मात्र खानापूर्ति ही की है। जिससे आम जनता पीने के पानी के लिए भटक रही है। देवनगर चैराहे व जल संस्थान कार्यालय के बाहर खोली गई प्याऊ पर पानीनहीं रहता है।

नगर के समाजसेवी शीतल पेयजल व प्याऊ के नाम पर चुप्पी साधे हैं। समाजसेवी संस्था चलाने वाले समाजसेवी सरकारी रुपये तो हड़पने में लगे हैं लेकिन उन्हें लोगों की प्यास महसूस नहीं हो रही है। जिसके चलते लोग पाॅलीथीन के पाउचों में बिक रहे मानक विहीन पानी को खरीदकर पाने को मजबूर हैं। जब इस संदर्भ में एसडीएम एसके विकास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें प्याऊ के बारे में जानकारी नहीं है। वह नगरपालिका से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई करेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ खुलवाई जाऐंगी एवं जो प्याऊ खुली हैं उन्हें ठीक ढंग से संचालित कराया जाएगा।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here