श्री नितिन गडकरी ने भारत की पहली नदी सूचना प्रणाली का उद्घाटन किया |

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The Union Minister for Road Transport & Highways and Shipping, Shri Nitin Gadkari addressing at the inauguration of the River Information Services (RIS) System, in New Delhi on January 06, 2016.  The Secretary, Ministry of Shipping, Shri Rajive Kumar and the Chairman, IWAI, Shri Amitabh Verma are also seen.
The Union Minister for Road Transport & Highways and Shipping, Shri Nitin Gadkari addressing at the inauguration of the River Information Services (RIS) System, in New Delhi on January 06, 2016.
The Secretary, Ministry of Shipping, Shri Rajive Kumar and the Chairman, IWAI, Shri Amitabh Verma are also seen.

केंद्रीय जहाजरानी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में नदी सूचना प्रणाली (आरआईएस) का उद्घाटन किया। यह भारत में अपनी तरह की पहली नई प्रणाली है जो गंगा नदी पर राष्ट्रीय जल मार्ग – I पर सुरक्षित एवं सटीक नौपरिवहन को सुगम बनाएगी। आरआईएस का क्रियान्वयन भारत के अंतदेशीय जल मार्ग प्राधिकरण की समग्र जिम्मेदारी के तहत किया जाएगा जो जहाज रानी मंत्रालय द्वारा प्रशासित एक वैधानिक निकाय है।

श्री गडकरी ने कहा कि हालांकि देश के जल मार्गों को विकसित करने की चुनौती अभी भी बनी हुई है पर नदी सूचना प्रणाली देश में जल मार्ग के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक अह्म कदम है। उन्होंने कहा कि फरक्का से पटना तक प्रणाली के दूसरे चरण एवं पटना से वाराणसी तक प्रणाली के तीसरे चरण का क्रियान्वयन भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

नदी सूचना सेवाएं (आरआईएस) अंतर्देशीय नौपरिवहन में ट्रैफिक एवं परिवहन प्रक्रियाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए बनायी गयी हार्डेवेयर एवं साफ्टवेयर से संबंधित आधुनिक ट्रैकिंग प्रणाली का समिश्रण है। यह प्रणाली एक उन्नत एवं सूचनाओं के वास्तविक समय आदान- प्रदान के जरिये गतिशील पोतों एवं तट (बेस स्टेशनों) के बीच त्वरित इलेक्ट्रानिक आंकड़ा हस्तांतरण में वृद्धि करती है। आरआईएस का उद्देश्य जल मार्ग संचालकों एवं उपयोग कर्ताओं के बीच सूचनाओं के आदान- प्रदान को युक्ति संगत बनाना है। इससे निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी-

• बंदरगाहों एवं नदियों में अंतर्देशीय नौपरिवहन सुरक्षा में बढ़ोतरी।

• अंतर्देशीय जल मार्गों का बेहतर इस्तेमाल।

• पर्यावरण की सुरक्षा।

आरआईएस निम्नलिखित जोखिमों से बचाने के जरिये सुरक्षित एवं कारगर अंतर्देशीय जल परिवहन में सक्षम बनाता है :

1. जहाज से जहाज की टक्कर

2. जहाज से पुल की टक्कर

3. ग्राउंडिंग्स

राष्ट्रीय जल मार्ग – I के सागर – फरक्का विस्तार पर एक कुशल और कारगर नदी सूचना सेवा (आरआईएस) प्रणाली की स्थापना हालैंड, बेल्जियम, जर्मनी, चीन एवं अमेरीका जैसे देशों में संचालनरत प्रणालियों के ही समान हैं। इस परियोजना में पोतों की निगरानी हल्दिया, गार्डेन रीच (जीआर) जेट्टी, त्रिबेणी, स्वरूपगंज, कुमारपुर, बलिया एवं फरक्का में 26.23 करोड़ रुपये की लागत से 7 रिमोट (बेस स्टेशन साइट) की स्थापना के द्वारा की जा रही है। फरक्का एवं जीआर जेट्टी में 2 नियंत्रण केंद्र होंगे। दोनों नियंत्रण केंद्र स्वचालित पहचान प्रणाली (एआईएस) के द्वारा इस नदी विस्तार में चलने वाले पोतों की निगरानी करेंगे तथा वीएचएफ के माध्यम से पोतों के साथ संपर्क रखेंगे। इस परियोजना के तहत 30 पोत होंगे जो अंतर्देशीय एआईएस प्रणाली, कम दूरी के राडार एवं वीएचएफ से भी सुसज्जित होंगे। पोत का एआईएस डाटा एवं वॉयस कम्यूनिकेशन की निगरानी एवं रिकार्डिंग नियंत्रण स्टेशनों (फरक्का एवं जीआर जेट्टी) में की जाएगी एवं जब भी जरूरत होगी, इन्हें पुनः प्रतिष्ठापित तथा रिप्ले किया जा सकेगा। पोतों को वीएचएफ के माध्यम से दिशा- निर्देशित किया जा सकता है तथा संचालक पोत को आवश्यक निर्देश मुहैया करा सकता है।

प्रशिक्षित संचालक 24 घंटे गतिविधियों की निगरानी करेंगे तथा सुरक्षित नौपरिवहन के लिए पोत को आवश्यक निर्देश एवं दिशा- निर्देश मुहैया कराएंगे।

आरआईएस प्रणाली को इसके बाद दो और चरणों में वाराणसी तक विस्तारित किया जा रहा है। दूसरे चरण में फरक्का से पटना (410 किलोमीटर) तक के विस्तार को 15.89 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 6 बेस एवं एक नियंत्रण स्टेशन की स्थापना के द्वारा कवर किया जाएगा। इसी प्रकार, तीसरे चरण में पटना से वाराणसी (356 किलोमीटर) तक के विस्तार को 14.49 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 4 बेस एवं एक नियंत्रण स्टेशन की स्थापना के द्वारा कवर किया जाएगा।

Source PIB

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