पत्रकार के साथ मारपीट करने वाले मुख्य व्यक्ति पर कार्यवाही न होने से पत्रकारों में आक्रोश

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वाराणसी ब्यूरो पिछले दिनो बनारस के पत्रकार को हिन्डालको के sis सिक्युरिटी के जवानो ने मिलकर बुरी तरह से मार कर घायल कर दिया ।पीड़ित पत्रकार घटना की सूचना तत्काल रेनूकुट चौकी पर दिया।पत्रकार के साथ मार पीट की सूचना आग की तरह फैल गई पत्रकार को न्याय दिलाने के लिए रेनुकूट के सभी पत्रकारों ने रेनुकूट चौकी का घेराव कर दिया,रेनुकूट चौकी इन्चार्ज ने मामला बिगडता देख सभी को पिपरी थाने भेज दिया जहाँ पुर्वाचल पत्रकार एकता समीति के सभी सदस्यों तथा पदाधिकारीगण  आक्रोश के साथ पत्रकार को न्याय दिलाने के लिए मौजूद रहे।          

क्या है  पूरा मामला
हिन्डालको कालोनी परिसर मे न्यूज कवरेज के लिए जा रहें अपने साथी पत्रकार अजीत कुशवाहा के साथ दयानन्द तिवारी को हिन्डालको कॉलोनी के गेट पर हेल्मेट की खातिर रोका गया। जिसपर बिना हेल्मेट के इंन्ट्री को लेकर दोनो पक्षो मे जमकर बहस भी हुई सिक्युरिटी इंचार्ज ने पत्रकार दयानंद तिवारी से  कहा कि यहां बहस न करे क्योंकि यहां पर CCTV कैमरे लगे हुए है सुरक्षा कक्ष में चले वहाँ बात करते है। सिक्योरिटी आलोक तिवारी ने कमरे में जबरन ले जाकर पत्रकार दयानंद तिवारी को अपने सुरक्षा गार्डों से पकड़वाकर कर मारवाने लगे। किसी तरह पत्रकार वहा से अपनी जान बचाकर निकलने मे कामयाब हुआ।तथा किसी तरह भागकर रेनुकूट चौकी पर इसकी सूचना दी । जब इसकी सूचना समस्त स्थानीय पत्रकारो को हुई तो सभी पत्रकार आक्रोशित होकर रेनुकूट चौकी पहुंचे। जब वहा बात नहीं बनी तो पत्रकारो ने पिपरी थाने पहुंच कर थानाध्यक्ष कमलेश्वर सिंह को इस पूरे मामले से अवगत करवाया, तथा दोषी गार्ड के उपर मुकदमा लिखने की बात समस्त पत्रकारों ने कही। वहीं थानाध्यक्ष ने मुकदमा लिखने की बात उस समय कह कर सभी पत्रकारों को वापस भेज दिया। पत्रकारो का कहना है कि जब तक हमे मुकदमा कापी नही मिल जाती तब तक हम कैसे समझ ले कि हम सुरक्षित है।

 
मुकदमा हुआ दर्ज             
पुर्वाचल पत्रकार एकता समीति ने  पत्रकार  पर हुए हमले की  निंदा करते हुए तत्काल दोषियो पर करवाई करने को कहा जिसके तहत रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया तथा तीन आरोपी को पकड़ कर थाने में बैठा लिया गया ।

लेकिन बताया गया कि पूरे मामले में पिपरी थाने की भूमिका संदिग्ध रही आरोपी आलोक तिवारी को थाने में बैठा कर छोड़ दिया गया जिसे लेकर पत्रकारों में पुलिस की भूमिका पर आक्रोश है सभी ने बैठक कर आला अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री से भी न्याय पाने के लिये मिलने की बात कही है और इस पूरे मामले में इंस्पेक्टर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निलंबित करने की मांग की है ।

IFJW के जिला अध्यक्ष ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मुख्य आरोपी आलोक तिवारी पे भी कार्यवाही करने की मांग करते हुए इंस्पेक्टर की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए तत्काल निलंबित करने की मांग की ।

रिपोर्ट–सर्वेश कुमार

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