नहर, माइनर, रजबहा की सफाई न होने के कारण, किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिल रहा पानी

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उन्नाव (ब्यूरो) जनपद अधिकारी सारदा नहर कुलाबा और माइनर की एक्सीयन ने अपनी टीम के साथ जांच की। जांच में किसानों की आशाओं पर पानी फेर दिया। किसान कुलाबा नीचे करने व माइनर की सफाई का दसको से चक्कर लगा रहे हैं। हजारों किसानों को हजारों एकड़ खेती की सिंचाई से वंचित है। नहर पास के किसान नहर में पाइप डाल कर सिंचाई करने को मजबूर हैं। वहीं दूर टेल के किसानों की फसलें सूख रही है या पंपिंग सेट से महँगी सिचाई कर रहे हैं।विकास खंड मियागंज क्षेत्र के कोरारी कला, रनागढी, बलागढी, पारा, भदनी, चेतानखेडा आदि लगभग आधा दर्जन गांवो के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए नहर का पानी नहीं मिल पा रहा है।

पच्चीस वर्ष पूर्व शारदा नहर में रनागढी के सामने कुलाबा बना था। डेढ दशक पूर्व नहर की सफाई शासन ने कराई थी। नहर की गहराई अधिक हो गयी जिसके कारण नहर का पानी कुलाबा तक नहीं पहुंच पा रहा है। दशको से मेथीटीकुर माइनर में पानी न जाने से माइनर की सफाई नहीं कराई गयी। कई बार किसानों ने मुख्यमंत्री से लेकर डीएम, एक्सीयन, जेई को लिखित शिकायत कर चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन पिछले सप्ताह सैकड़ों किसानों ने कुलाबा का घेराव कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे जेई ने किसानों को एक सप्ताह में समस्या हल करने का आश्वासन दिया था। इसी की जांच में पहुंचे सिंचाई विभाग के एक्सीयन राजेश चन्द्रा , एसडीओ जेई आरके चौरसिया ने मौके पर पहुंचे। जांच में एक्सीयन राजेश चन्द्रा ने कहा कि कुलाबा में पानी आ रहा है जिससे कुलाबा नीचे नहीं किया जा सकता है। वहीं मौजूद राधेश्याम, नन्हक्के, राजू सिंह, ओमप्रकाश, रामकुमार, पप्पू, केशन, प्रमोद, प्रकाश आदि किसानों ने कहा कि कुलाबा से माइनर में सिंचाई भर के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। इसी लिए मजबूरी में नहर में पाइप डाल कर सिंचाई करने को मजबूर हैं।

रिपोर्ट – जीतेन्द्र गौड़

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